Apr ०५, २०२० ११:२४ Asia/Kolkata
  • मोदी के रहते भूल जाइए की मीडिया की आज़ादी भी कोई चीज़ हैः न्यूयार्क टाइम्ज़

न्यूयार्क टाइम्ज़ ने अपनी एक रिपोर्ट में भारतीय पत्रकारों से की गई बातचीत के आधार पर लिखा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के भीतर मीडिया के बड़े भाग पर नियंत्रण करने की कोशिश की है जैसा दशकों से दूसरे नेता भी करते आए हैं।

करोना वायरस फैलने के बाद तो मोदी और भी मुखर हो गए हैं और उनकी सरकार ने बड़े मीडिया संस्थानों को कड़े निर्देश दिए हैं कि वह सरकार की कोशिशों के बारे में सकारात्मक और उत्साहजनक बातें ही छापें।

न्यूयार्क टाइम्ज़ ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि मोदी सरकार के मंत्री कार्पोरेट सेक्टर की मदद से उन मीडिया संस्थानों को ध्वस्त कर देने की कोशिश करते हैं जो आज़ाद हैं। आज़ाद मीडिया कर्मियों को रिपोर्टिंग से रोका जाता है उन्हें उन इलाक़ों में जाने नहीं दिया जाता जहां कोई विवाद चल रहा है। विदेशी पत्रकारों को वीज़ा देने में आनाकानी की जाती है।

जम्मू व कश्मीर में बड़े पैमाने पर मानवाधिकारों का हनन हो रहा है मगर सरकार ने अपने तौर पर यह सुनिश्चित कर लिया है कि इन घटनाओं की रिपोर्टिंग न होने पाए।

मीडिया की मदद से मोदी ने ख़ुद को राष्ट्र के मोक्षदाता के रूप में पेश करने की कोशिश की है। मंत्रियों की ओर से भारी दबाव होता है कि मीडिया सत्ताधारी भाजपा की कोई भी आलोचना न करे जो देश को चरमपंथी हिंदू राष्ट्र बनाने की कोशिश में है।

भारत के एक वरिष्ठ पत्रकार का कहना है कि भारतीय मीडिया अब सरकार की रखवाली करने वाला कुत्ता नहीं बल्कि सरकार के टुकड़ों पर पलने वाला कुत्ता बनकर रह गया है। मीडिया अब सरकार पर आलोचना करने के बजाए उसकी सेवा करने में व्यस्त है।

टैग्स

कमेंट्स