Sep १८, २०२० १५:३८ Asia/Kolkata
  • मोदी सरकार ने माना बेरोज़गारी बढ़ी, देश के 42 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 18 हज़ार से अधिक पद ख़ाली

भारत में नौकरियों में कमी और बेरोज़गारी में वृद्धि के विरुद्ध हो रहे प्रदर्शनों के बीच केन्द्र सरकार का कहना है कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में 18 हज़ार से अधिक पद ख़ाली हैं।

संसद में एक लिखित प्रश्न का जवाब देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि ख़ाली पड़े पदों में 6,210 शैक्षणिक और 12,437 ग़ैर-शैक्षणिक पद हैं।

उन्होंने बताया कि इसके अलावा इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी में 196 शैक्षणिक पद और 1,090 ग़ैर शैक्षणिक पद ख़ाली पड़े हुए हैं।

इसके अतिरिक्त तीन केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों में 52 शैक्षणिक और 116 ग़ैर-शैक्षणिक पद खाली हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पदों का रिक्त होना और भरते रहना, एक सतत प्रक्रिया है। शिक्षा मंत्रालय और यूजीसी विश्वविद्यालयों पर नज़र रखते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि यूजीसी ने 4 जून, 2019 को विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को ख़ाली पदों को भरने के लिए दिशानिर्देश दिए थे, जिनके तहत चयन प्रक्रिया और भर्ती के लिए समयसीमा दी गई है। खाली रिक्तियों को भरने का काम विश्वविद्यालयों को करना होता है।

केंद्रीय विश्वविद्यालयों में रिक्तियों के बारे में शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि साल 2019-20 के लिए ओबीसी के लिए रिक्त शिक्षण पदों की संख्या बढ़कर 300 हो गई है जबकि एससी और एसटी के लिए यह आंकड़ा क्रमशः 172 और 73 है।

इतनी बड़ी संख्या में पद रिक्त होने के बावजूद, जो शिक्षकों की कुल तयशुदा संख्या का एक तिहाई है, सरकार ने कहा है कि मंत्रालय वर्तमान में एडहॉक, कॉन्ट्रैक्ट या गेस्ट फैकल्टी के बतौर काम कर रहे शिक्षकों को स्थायी करने के बारे में नहीं सोचा रहा है। (AK)

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