Sep १८, २०२० २०:१३ Asia/Kolkata
  • पत्रकार और पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण शौरी के विरुद्ध भ्रष्टाचार का मुक़द्दमा दर्ज करने का आदेश

भारत के राजस्थान राज्य के जोधपुर की एक विशेष अदालत ने सीबीआई को आईटीडीसी के उदयपुर स्थित एक होटल की बिक्री संबंधी मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी और तत्कालीन विनिवेश सचिव प्रदीप बैजल के ख़िलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है।

आरोप है कि इस बिक्री से राजकोष को 224 करोड़ रुपये का कथित घाटा हुआ। यह मामला साल 2002 का है और इस बिक्री के समय केंद्र में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार थी।

सीबीआई की अदालत ने दो दशक पहले उदयपुर में लक्ष्मी विलास पैलेस होटल की बिक्री करने से जुड़े तीन अन्य लोगों के ख़िलाफ भी मामले दर्ज करने का आदेश दिया है।

भारत पर्यटन विकास निगम के मालिकाना हक़ वाला होटल जब निजी कंपनी भारत होटल्स लिमिटेड को बेचा गया था उस समय शौरी विनिवेश के प्रभारी मंत्री थे।

विशेष न्यायाधीश पूर्ण कुमार शर्मा ने कहा कि पत्रकार के रूप में शौरी ने बहसों एवं साक्षात्कारों के दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाई थी। कोर्ट ने कहा कि यह भष्टाचार के मामले पर उनके दोहरे मापदंड को दर्शाता है।

अदालत ने बीते बुधवार को दिए आदेश में सीबीआई द्वारा मामला बंद करने के लिए अगस्त 2019 में जमा कराई गई क्लोजर रिपोर्ट खारिज कर दी और एजेंसी को मामले की फिर से जांच करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने उदयपुर के जिला मजिस्ट्रेट को लक्ष्मी विलास पैलेस तत्काल कुर्क करने का भी आदेश दिया। अदालत ने आदेश दिया कि मामले का निपटारा होने तक होटल राजस्थान सरकार के संरक्षण में रहेगा। (AK)

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