Oct २२, २०२० १२:४९ Asia/Kolkata
  • महाराष्ट्र सरकार ने सीबीआई को दिया बड़ा झटका, जांच के लिए लेनी होगी सरकार की अनुमति,

महाराष्ट्र सरकार ने दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान के सदस्यों को दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान क़ानून, 1946 "डीपीएसई एक्ट" के तहत राज्य में शक्तियों और न्यायक्षेत्र के इस्तेमाल की सहमति को वापस लेने संबंधी एक आदेश जारी कर दिया।

बुधवार को जारी इस आदेश के अंतर्गत सीबीआई को अब राज्य में शक्तियों और न्यायक्षेत्र के इस्तेमाल के लिए आम सहमति नहीं होगी जो महाराष्ट्र सरकार द्वारा 22 फ़रवरी 1989 को जारी एक आदेश के तहत दी गई थी।

सीबीआई को अब किसी मामले की जांच के लिए राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी।

टीकाकारों का कहना है कि टीआरपी घोटाले और अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले के दृष्टिगत राज्य सरकार ने यह फ़ैसला किया है।

पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्य पहले ही ऐसे क़दम उठा चुके हैं। कई राज्यों ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अपने फ़ायदे के लिए सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है।

सीबीआई ‘दिल्ली विशेष पुलिस स्थापना अधिनियम’ द्वारा शासित है, जिसके तहत राज्य में जांच करने के लिए राज्य सरकार की सहमति अनिवार्य होती है।

"आम सहमति" वापस लेने का मतलब है कि एजेंसी महाराष्ट्र में प्राथमिकी दर्ज नहीं कर सकती। (AK)

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