Oct २३, २०२० १४:०० Asia/Kolkata
  • दिल्ली के जामिया नगर के सरकारी स्कूल की 23 मुस्लिम छात्राओं ने NEET पास करके सभी को हैरत में डाल दिया, प्रिंसिपल ने बताया कामयाबी का मंत्र

दिल्ली के जामिया नगर (ओखला) स्थित नूर नगर इलाक़े के एक सरकारी स्कूल की 23 मुस्लिम छात्राओं ने NEET (राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा) पास करके उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

इस साल दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 569 छात्रों ने, NEET क्वालीफ़ाई किया है, इनमें से 379 छात्राएं हैं। इन छात्राओं में से 23 छात्राएं जामिया नगर के नूर नगर इलाक़े के एक स्कूल से हैं।

NEET राष्ट्रीय स्तर की एक ऐसी परीक्षा है, जिसे पास करने के लिए आमतौर पर छात्र बड़ी और महंगी कोचिंगों में मोटी फ़ीस भरते हैं। वहीं जामिया नगर के सरकारी स्कूल की छात्राओं ने इस परीक्षा को पास करके सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है।

नूर नगर स्थित सर्वोदय कन्या महाविद्यालय की वाइस प्रिंसिपल मुदस्सिर जहां का कहना हैः इस इलाक़े के लिए यह एक गर्व की बात है। हमारे स्टूडेंट्स और टीचर्स ने बहुत मेहनत की है। यह बच्चे हमारी उम्मीदों पर खरे उतरे हैं। हमारा अनुमान था कि 15 से 18 स्टूडेंट्स परीक्षा पास कर लेंगे, लेकिन इससे ज़्यादा संख्या में उन्होंने यह कारनामा कर दिखाया। हमने अपने स्टूडेंट्स को एक मंत्र सिखाया था कि ख़ामोशी से कड़ी मेहनत करो और कामयाबी पर शोर मचने दो।

इस सरकारी स्कूल की सफलता हासिल करने वाली ज़्यादातर छात्राएं ग़रीब या मध्यम वर्ग की हैं।

जहां का कहना था कि दिल्ली सरकार की सलाह के मुताबिक़, हमने छात्राओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ज़्यादा ध्यान दिया है।

नीट परीक्षा पास करने वाली 17 साल की अरीबा नईम ने बतायाः यह एक सामान्य सरकारी स्कूल है। मैं यहां 9वीं क्लास से पढ़ रही हूं। नवीं क्लास में मैंने 78 फ़ीसद और 12वीं में 83 फ़ीसद नम्बर हासिल किए हैं।  

अरीबा का कहना था कि एक सरकारी स्कूल के छात्रा के रूप में मेरे पास बहुत सारी सुविधाएं नहीं थीं। मैंने हर रोज़ घरेलू कामों के बावजूद जितना हो सकता था उतना पढ़ने की कोशिश की। कई बार लॉकडाउन ने चीज़ों को मुश्किल बना दिया, लेकिन मैंने अपने दो छोटे भाईयों को पढ़ाते हुए अपनी कोशिश जारी रखी। अबुल फ़ज़ल एन्क्लेव में रहने वाले एक इलेक्ट्रीशियन की बेटी ने अपनी सफलता का श्रेय अपने स्कूल और अपने शिक्षकों को दिया।

उन्होंने कहा कि कि वे बेहतर नंबरों के लिए अगले साल फिर से नीट की परीक्षा देंगी, क्योंकि इस साल उन्हें प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेना पड़ेगा, और उनके माता-पिता उसकी फ़ीस जमा करने की स्थिति में नहीं हैं।

उन्होंने दिल्ली सरकार से आग्रह किया कि उनके जैसी छात्राओं के लिए, ऑनलाइन क्लासों में शामिल होने के लिए मदद की जाए। msm

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