Nov २७, २०२० ११:१५ Asia/Kolkata
  • पंजाब व हरियाणा के किसानों पर आंसू गैस व वाटर कैनन से हमला लेकिन निरंतर आगे बढ़ रहे हैं

भारत के राज्यों पंजाब व हरियाणा के किसान, केंद्र सरकार के नए कृषि क़ानूनों के ख़िलाफ़ “दिल्ली चलो” मार्च के तहत राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं हालांकि पुलिस ने उन पर आंसू गैस व वाटर कैनन से हमला किया है।

केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ दिल्ली चलो मार्च के तहत किसान सड़कों पर उतर चुके हैं और दिल्ली कूच करने के लिए डटे हुए हैं। पंजाब से लेकर हरियाणा की सड़कों पर बड़ी संख्या में किसानों दिल्ली कूच करने के लिए अड़े हुए हैं और पुलिस से हुई झड़पों के बाद भी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। गुरुवार को दिल्ली कूच के दौरान पूरे दिन किसानों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें होती रहीं। किसानों को रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की गई है और कई जगहों पर किसानों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस के गोलों का भी इस्तेमाल किया लेकिन किसान आगे बढ़ते जा रहे हैं।

 

इस समय किसान दिल्ली के क़रीब पहुंच चुके हैं और किसी भी समय राजधानी में प्रवेश कर सकते हैं। इस बीच उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने दिल्ली पहुंचने वाले कई राजमार्गों को बंद कर दिया है और सड़कें खोद दी हैं। दिल्ली की सभी सीमाओं पर सुरक्षा बहुत ज़्यादा बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि अगर किसान दिल्ली की सीमाओं पर पहुंच भी जाते हैं तब भी उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।

 

इस बीच गुड़गांव में स्वराज इंडिया के अध्यक्ष योगेंद्र यादव और प्रदर्शनकारियों के एक समूह को पुलिस ने हिरासत में लिया क्योंकि वे दिल्ली की तरफ़ मार्च करने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि बाद में उन्हें ज़मानत मिल गई। ज्ञात रहे कि भारत के किसान नए कृषि क़ानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि नए क़ानूनों से न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। (HN)

 

ताज़ातरीन ख़बरों, समीक्षाओं और आर्टिकल्ज़ के लिए हमारा फ़ेसबुक पेज लाइक कीजिए!

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

ट्वीटर पर हमें फ़ालो कीजिए

टैग्स