Jan २५, २०२१ २१:२० Asia/Kolkata
  • मुकेश अंबानी की एक सेकेंड की कमाई, भारी पड़ी मज़दूर की तीन साल की कमाई पर

भारतीय अरबपति अंबानी एक घंटे में जितना कमा रहे हैं उसे कमाने में एक मज़दूर को दस हज़ार वर्षों का समय लगेगा।

ऑक्सफैम की रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के अरबपति मुकेश अंबानी एक सेकेंड में जितना धन कमाते हैं उतनी कमाई करने में एक अकुशल मजदूर को कम से कम तीन साल का समय लगेगा।  वहीं अंबानी एक घंटे में जितना कमा लेते हैं उतना कमाने में एक मजदूर को दस हजार साल लग जाएंगे।  गरीबी उन्मूलन के लिए काम करने वाली संस्था, ऑक्सफैम ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है।

इस रिपोर्ट में बताया गया है कि कोरोना वायरस के चलते लगाए गए लॉकडाउन के दौरान भारतीय अरबपतियों की दौलत में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है जबकि इसी दौरान करोड़ों लोगों को खाने के लाले पड़ गए।  भारत के सबसे बड़े 100 अरबपतियों की संपत्ति में मार्च 2020 के बाद से लगभग 13 लाख करोड़ रुपए का इजाफा हुआ है। यह रकम भारत के रक्षा बजट का कई गुना है। जबकि रिपोर्ट में कहा गया कि महामारी के दौरान भारत के 11 प्रमुख अरबपतियों की आय में जितनी बढ़ोतरी हुई है उससे मनरेगा और स्वास्थ्य मंत्रालय का एक दशक तक का मौजूदा बजट प्राप्त हो सकता है।

इस कमाई का दूसरा आयाम यह भी है कि कोरोना महामारी के कारण पिछले साल 12 करोड़ से अधिक लोगों की नौकरियां छिन गईं।  कोरोना महामारी ने भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में असमानता को बढ़ाया है। कोरोना के कारण गरीबों की संख्य बढ़कर 50 करोड़ हो गई है। अक्टूबर में जारी वर्ल्ड बैंक की एक रिपोर्ट के अनुसार कोरोना महामारी ने 6 करोड़ लोगों को भीषण गरीबी में धकेल दिया है।

विशेष बात यह है कि कोरोना के दौरान नौ महीनों में ही दुनिया के सबसे बड़े एक हज़ार अरबपतियों की स्थिति तो  सुधर गई, लेकिन इसी दौरान कोरोना से पहले गरीबों की जैसी स्थिति थी उस स्थति में वापस आने में उनको एक दशक से ज्यादा का समय लग जाएगा।

ऑक्सफैम के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ बेहर के अनुसार इस रिपोर्ट से मालूम होता है कि विश्व की अन्यायपूर्ण आर्थिक व्यवस्था के कारण आर्थिक संकट के दौरान धनी लोगों की संपत्तियों में तो बेतहाशा वृद्धि होती है जबकि इसी दौरान करोड़ों लोगों के लिए जीना भी मुश्किल हो जाता है।

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