Jan २७, २०२१ ११:५६ Asia/Kolkata
  • भारत में गण तंत्र का दिखा अनोखा मेल, लाल क़िले की प्राचीर पर धार्मिक झंडा फहराने वाला भाजपा नेता का क़रीबी निकला...

भारत में गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड के दौरान लाल क़िले की प्राचीर पर निशान साहिब का झंडा फहराने वाला अभिनेता दीपक सिद्धू भाजपा नेता सनी दयोल का निकटवर्ती साथी निकला।

किसान नेताओं ने दीपक सिद्धु पर हिंसा भड़काने और आंदोलन का रुख़ मोड़ने का आरोप लगाया है। दीप सिद्धू अभिनेता सनी देओल के सहयोगी थे, जब अभिनेता ने 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान गुरदासपुर सीट से चुनाव लड़ा था। 2019 के लोकसभा चुनाव में सनी देओल के पूरे प्रचार में वह उनके साथ रहे थे। दीप सिद्धू की सनी देओल और पीएम मोदी के साथ एक फोटो भी वायरल हुई थी।

अभिनेता दीप सिद्धू का कहना है कि उन लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया और केवल एक प्रतीकात्मक विरोध के तौर पर 'निशान साहिब' को लगाया था।

दीप सिद्धू ने फेसबुक पर पोस्ट किये गए एक वीडियो में दावा किया कि वह कोई योजनाबद्ध कदम नहीं था और उन्हें कोई साम्प्रदायिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए जैसा कट्टरपंथियों द्वारा किया जा रहा है।

उन्होंने 'निशान साहिब' की ओर इशारा करते हुए कहा कि झंडा देश की विविधता में एकता का प्रतिनिधित्व करता है।

उन्होंने कहा कि लालकिले पर ध्वज-स्तंभ से राष्ट्रीय ध्वज नहीं हटाया गया और किसी ने भी देश की एकता और अखंडता पर सवाल नहीं उठाया।

उधर सनी देओल ने ट्वीट किया कि लाल क़िले पर जो हुआ उसे देख कर मन बहुत दुखी हुआ है, मैं पहले भी 6 दिसम्बर को ट्विटर के माध्यम से यह साफ कर चुका हूं कि मेरा या मेरे परिवार का दीप सिद्धू के साथ कोई संबंध नही है।

उधर कृषि कानूनों के ख़िलाफ आंदोलन की अगुवाई कर रहे स्वराज अभियान के नेता योगेंद्र यादव ने कहा कि हमने दीप सिद्धू को शुरू से ही अपने प्रदर्शन से दूर कर दिया था।

भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के पीछे कुछ असामाजिक तत्व थे।

दूसरी ओर मायावती ने कल के घटनाक्रम को जहां दुर्भाग्‍यपूर्ण बताया वहीं अखिलेश यादव ने कहा कि इसके लिए भाजपा ही ज़िम्मेदार है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने एक के बाद एक ट्वीट कर कहा कि देश की राजधानी दिल्ली में कल गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की हुई ट्रैक्टर रैली के दौरान जो कुछ भी हुआ, वह हरगिज़ नहीं होना चाहिए था। यह अति-दुर्भाग्यपूर्ण तथा केन्द्र की सरकार को भी इसे अति-गंभीरता से ज़रूर लेना चाहिए।

बीएसपी की केन्द्र सरकार से पुनः यह अपील है कि वह तीनों कृषि कानूनों को अविलम्ब वापिस लेकर किसानों के लम्बे अरसे से चल रहे आन्दोलन को खत्म करे ताकि आगे फिर से ऐसी कोई अनहोनी घटना कहीं भी न हो सके।

सपा अध्‍यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्वीट किया कि भाजपा सरकार ने जिस प्रकार किसानों को निरंतर उपेक्षित, अपमानित व आरोपित किया है, उसने किसानों के रोष को आक्रोश में बदलने में निर्णायक भूमिका निभायी है। अब जो हालात बने हैं, उनके लिए भाजपा ही क़सूरवार है।

ज्ञात रहे कि समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने किसानों की ट्रैक्‍टर रैली के समर्थन में उत्‍तर प्रदेश के विभिन्‍न ज़िलों में प्रदर्शन किए थे। (AK)

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