Apr २२, २०२१ १५:०६ Asia/Kolkata
  • अमेरिकी कमीशन ने भारत पर प्रतिबंध लगाने और उसका नाम ब्लैक लिस्ट में शामिल किये जाने की मांग की

अमेरिकी कमीशन ने भारत में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार के दृष्टिगत भारत पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

अमेरिकी कमीशन ने भारत में अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार और धार्मिक स्वतंत्रता की ख़िलाफ़वर्ज़ी के दृष्टिगत लगातार दूसरे साल भारत को ब्लैक लिस्ट में डालने की सिफारिश की है।

अंतरराष्ट्रीय धार्मिक स्वतंत्रता के हवाले से अमेरिकी कमीशन की इस सिफारिश पर भारत सरकार ने पिछले साल भी नाराज़गी जताई थी और इस बात की संभावना बहुत कम है कि अमेरिकी विदेशमंत्रालय इस सिफारिश पर अमल करेगा और अपने निकटवर्ती घटक भारत की भर्त्सना करेगा।

अमेरिकी कमीशन अपनी सिफारिशों को पेश करता है परंतु अमेरिकी नीति निर्धारित नहीं करता और उसने अपनी नई वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता के संबंध में नकारात्मक रवइया जारी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने हिन्दूवादी नीतियों को बढ़ावा दिया है जिसके नतीजे में धार्मिक स्वतंत्रता का नियमित उल्लंघन हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत सरकार विरोधियों की आवाज़ को दबा रही है और भारत के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में धर्मों के बीच विवाह पर प्रतिबंधों में वृद्धि पर भी चिंता जताई गई है।

ज्ञात रहे कि अमेरिकी विदेशमंत्रालय की ब्लैक लिस्ट की सूची में एरिट्रिया, म्यांमार, ईरान, नाइजेरिया, उत्तर कोरिया, ताजिकिस्तान और तुर्कमनिस्तान भी शामिल हैं और अमेरिका के अनुसार अगर इन देशों ने अपने क्रिया-कलापों को बेहतर न किया तो उनके खिलाफ प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

अमेरिकी कमीशन ने इस देश के विदेशमंत्रालय से सिफारिश की है कि भारत के साथ- साथ रूस, सीरिया और वियतनाम को भी ब्लैक लिस्ट में शामिल किया जाना चाहिये।

अमेरिकी कमीशन बहुत से देशों के बारे में इसी प्रकार के दावे करता है जबकि ख़ुद अमरीका के भीतर अल्पसंख्यकों के अधिकारों का जम कर हनन होता है।  MM

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