Aug ०५, २०२१ २०:३५ Asia/Kolkata
  • शपथ लेने के बाद राष्ट्रपति रईसी का पहला भाषणः अब जनता की अमानत अदा करने का समय आ गया, पड़ोसी और इस्लामी देशों से रिश्तों का विस्तार प्राथमिकता, 

इस्लामी गणतंत्र ईरान के आठवें राष्ट्रपति सैयद इब्राहमी रईसी ने पद और गोपनीयता की शपथ लेने के बाद भाषण देते हुए कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान के ख़िलाफ़ दबाव और प्रतिबंधों की नीतियों का कोई असर नहीं होगा और हम अपने अधिकारों से पीछे हटने वाले नहीं हैं।

संसद में शपथ लेने के बाद भाषण देते हुए रईसी ने कहा कि हमारी सरकार ने विदेश नीति की प्राथमिकताओं का आधार पड़ोसी और इस्लामी देशों से रिश्तों के विस्तार पर रखा है।

राष्ट्रपति रईसी ने कहा कि हम मानवाधिकारों के सच्चे मुहाफ़िज़ हैं। उन्होंने कहा कि ईरान में इस्लामी क्रांति के सूर्य का उदय आज़ादी, राजनैतिक साझेदारी, और लोकतंत्र का नया अध्याय साबित हुआ।

रईसी का कहना था कि बेगुनाह इंसानों के अधिकारों पर होने वाले अत्याचार पर ख़ामोशी को हम क़ुबूल नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि अत्याचार चाहे यूरोप में हो, अमरीका में हो, अफ़्रीक़ा में हो, यमन, सीरिया या फ़िलिस्तीन में हो हम हमेशा मज़लूमों और शोषितों के साथ खड़े रहेंगे जबकि देश के भीतर जनता और जवान यह चाहते हैं कि हम कमज़ोरों और शोषितों की आवाज़ बनें।

डाक्टर रईसी ने कहा कि जनता चाहती है कि हम समाज में नया जोश भर दें और जनता के अधिकारों की रक्षा, न्याय और समानता के लिए दृढ़ता से काम करें।

राष्ट्रपति रईसी ने कहा कि ईरानी जनता पर लगे प्रतिबंध हटने चाहिएं और इस लक्ष्य के लिए हम कूटनैतिक प्रयासों का समर्थन करेंगे।

सैयद इब्राहीम रईसी ने कहा कि हम पड़ोसी देशों के लिए अपनाइयत की भावना रखते हैं।

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