Sep २३, २०२१ ०५:०९ Asia/Kolkata
  • जनरल सलामी ने वह बात भी कह दी जो अब तक नहीं कही थी, अब दुश्मन के सामने दो ही रास्ते हैं...

जनरल सलामी ने कहा है कि अगर दुश्मन रह जाता है तो उसे उसकी क़ीमत चुकानी पड़ेगी और अगर चला जाता है यानी भाग गया।  

ईरान की इस्लामी क्रांति के संरक्षक बल सिपाहे पासदारान (आईआरजीसी) के कमांडर ने कहा है कि पवित्र प्रतिरक्षा ने ईरानी जवानों में यह योग्यता उत्पन्न कर दी और उन्हें यह समझा दिया कि बड़े बड़े दुश्मनों को पराजित किया जा सकता है। सिपाहे पासदारान के कमांडर जनरल हुसैन सलामी ने कहा कि इस्लामी क्रांति के आरंभ में समय की समस्त बड़ी ताक़तें इस क्रांति को खत्म करने के लिए एकजुट हो गयी हैं परंतु ईश्वर की मदद से वे ऐसा नहीं कर सकीं।

उन्होंने कहा कि आज उन कमांडरों की सराहना व प्रशंसा की गयी जिनकी आवाज़ सुनकर दुश्मन थर्रा जाता था और हज़ारों शूरवीर दुश्मन को खत्म करने के लिए तैयार हो जाते थे, ये कमांडर आशूरा के रास्ते को जारी रखने वाले हैं,आशूरा यानी सदगुणों व विशेषताओं का एक भाग और आशूरा के बिना किसी विशेषता व सद्गुण को नहीं समझा जा सकता और कर्बला इन सद्गुणों को अमली रूप प्रदान करने वाली है।

सिपाहे पासदारान के कमांडर ने कहा कि आज जिन कमांडरों की महानता बयान की गयी और उन पर प्रकाश डाला गया वे शेर की भांति दुश्मन पर हमला करते थे और उनके मोर्चे पंक्ति के अग्रिम भाग में होते थे, ये कमांडर अपने नाम और शोहरत के प्रयास में नहीं होते थे और आसमान वाले ज़मीन वालों से बेहतर ढंग से उन्हें पहचानते हैं।

उन्होंने कहा कि अगर आशूरा न होता तो हमारे लड़ने के लिए आधार न होता। आशूरा लड़ने व संघर्ष करने की जो ताक़त देता है वह हमारे पास न होती। सिपाहे पासदारान के कमांडर ने कहा कि पवित्र प्रतिरक्षा भी एक आशूरा था। उन्होंने कहा कि युद्ध एकमात्र ऐसी चीज़ है जिसमें एक राष्ट्र की समस्त वास्तविक क्षमतायें व योग्यतायें पहचानी जाती हैं, युद्ध में दिखावा नाम की चीज़ नहीं है और आग व गोलों का सामना करने के लिए वास्तविक मर्द की ज़रूरत होती है।

इसी प्रकार उन्होंने बल देकर कहा कि हमारे राष्ट्र के मुकाबले में दुश्मन छोटे व तुच्छ हो गये और आज का अमेरिका पहले वाला अमेरिका नहीं रह गया। ज़ायोनी अब दूसरी व नयी ज़मीनों पर कब्ज़ा करने की ताकत नहीं रखते परंतु यह क्रांति है जो स्फूर्ति के साथ प्रगति करते हुए आगे बढ़ रही है।

ईरान की इस्लामी क्रांति संरक्षक बल के कमांडर ने कहा कि विलायत यानी सर्वोच्च नेतृत्व एक तारा है जिसकी मदद से सही रास्ते को पैदा किया व खोजा जा सकता हे। आज ईरान ने आर्थिक प्रतिबंध लगाने में भी दुश्मन को मात दे दी, राजनीति के क्षेत्र में वह चमक रहा है और मनोवैज्ञानिक युद्ध में भी दुश्मन पर हावी हो गया और दुश्मन इस शक्ति को सीमित करने के लिए जो भी प्रयास कर रहा है नहीं कर पा रहा है।

जनरल सलामी ने कहा कि अमेरिकी टैक्टिक में भी नाकाम हो गये। जो सेना दुनिया के आधुनिकतम हथियारों से लैस है वह कितने अपमान के साथ अफगानिस्तान से चली गयी और उसके अधिकांश हथियार भी वहीं रह गये। तो अब हम मोर्चे के विशाल व  विस्तृत मैदान के केन्द्र में हैं और किसी प्रकार के भय के बिना और अदम्य साहस के साथ अपने रास्ते को जारी रखेंगे और ईश्वर की मदद से कठिनाइयों का समाधान करके उन पर हावी हो जायेंगे। MM

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