Oct १७, २०२१ १८:२२ Asia/Kolkata
  • यूरोप ने अमरीका को दी सीख, ईरान के बारे में सेकेन्ड आप्शन के बारे में सोचते ही नहीं...

यूरोपीय संघ के विदेश नीति प्रभारी जोज़फ़ बोरल ने कहा है कि ईरान के बारे में वह दूसरे विकल्प या सेकेन्ड आप्शन के बारे में नहीं सोचते।

उन्होंने इस बात का उल्लेख करते हुए कि परमाणु समझौता और ईरान के संबंध से कोई भी "सेकेन्ड आप्शन" अच्छी योजना नहीं हो सकती, दावा किया कि वार्ता में लौटने के लिए ईरान के पास सीमित समय है।

जोज़फ़ बोरल ने अमरीकी विदेशमंत्रालय की ईरान के बारे में हर आप्शन मेज़ पर होने पर आधारित धमकी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि परमाणु समझौते जेसीपीओए के संबंध से कूटनीति की विफलता की स्थिति में भी यूरोपीय संघ सेकेन्ड आप्शन के बारे में नहीं सोचता।

उन्होंने वाशिंग्टन में प्रेस कांफ्रेंस में विएना वार्ता दोबारा शुरू होने के बारे में कहा कि वार्ता की मेज़ पर लौटने का समय आ गया है, मैं दूसरे आप्शन के बारे में नहीं सोचना चाहता क्योंकि जहां तक मेरी सोच काम कर रही है, कोई भी सेकेन्ड आप्शन अच्छी योजना नहीं हो सकती।

बोरल ने यह बयान अमरीकी विदेशमंत्री एंटनी ब्लैंकिन के दो दिन पहले के बयान के ख़िलाफ़ दिया जिसमें उन्होंने दावा किया कि वाशिंग्टन ईरान की ओर से पेश आने वाली चुनौतियों से मुक़ाबले के लिए हर आप्शन को दृष्टिगत रखेगा।

ज्ञात रहे कि बाइडन सरकार परमाणु समझौते से अमरीका के एकपक्षीय रूप से ग़ैर क़ानूनी तरीक़े से निकलने का उल्लेख किए बिना बारम्बार यह दावा कर रही है कि ईरान की नई सरकार समय बर्बाद कर रही है और उसकी विएना वार्ता में वापसी में दिलचस्पी नहीं है।

इसके विपरीत ईरान का कहना है कि अमरीका की ओर से परमाणु समझौते के उल्लंघन के दृष्टिगत, वाशिंग्टन पहले प्रतिबंधों को हटाकर समझौते में लौटे और उसकी ओर से वादे पर अमल किया जाना साबित हो।

तेहरान का कहना है कि अमरीका की परमाणु समझौते में देर या जल्दी वापस पर उसका कोई बल नहीं है। परमाणु समझौते के बारे में विएना में अब तक 6 चरण की वार्ता हो चुकी है। (AK)

 

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