Oct २४, २०२१ ०८:४४ Asia/Kolkata
  • आज दो सच्चों का शुभ जन्म दिवस है, जानें कौन हैं वे और उनके आने पर दुनिया क्यों है जश्न में डूबी?

ईरान सहित दुनिया के कोने-कोने में आज पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा सल्लल्लाहो अलैहे व आलेही वसल्लम और इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है।

17 रबीउल अव्वल 1443 हिजरी क़मरी बराबर 24 अक्तूबर 2021 पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा (स) और उनके पौत्र इमाम जाफ़र सादिक़ (अ) का शुभ जन्म दिवस है। इस्लामी क्रांति के संस्थापक स्वर्गीय इमाम ख़ुमैनी (र.अ)  जो इस्लामी जगत में एकता के ध्वजवाहक और प्रचारक थे, उन्होंने इस शुभ अवसर से इस्लामी मतों और समुहों के बीच एकजुटता और एकता पैदा करने के लिए लाभ उठाया और 12 रबीउल अव्वल और 17 रबीउल अव्वल के बीच के दिनों को एकता सप्ताह का नाम दिया। ग़ौरतलब है कि पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा (स) का जन्म 17 रबीउल अव्वल सन 570 ईसवी को पवित्र नगर मक्का में हुआ था।  शिया मुसलमानों का मानना है कि पैग़म्बरे इस्लाम (स) का शुभ जन्म शुक्रवार की सुबह 17 रबीउल अव्वल को मक्के में हुआ था जबकि सुन्नी मुसलमानों का कहना है कि उनका शुभ जन्म 12 रबीउल अव्वल को हुआ था।

हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा (स) 40 वर्ष की आयु में हेरा नामक गुफ़ा में जिब्राईल के माध्यम से सर्वसमर्थ ईश्वर की ओर से उसके दूत चुने गए थे। अज्ञानता और अनैतिकता में डूबे अज्ञानी समाज को नैतिकता, मानवीय गरिमा और स्वाभिमान की ओर आमंत्रित करने के लिए अंतिम ईश्वरीय दूत के रूप में ईश्वर ने पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा को चुना था। पवित्र कुरआन में स्पष्ट रूप से आया है कि महान ईश्वर ने पैग़म्बरे इस्लाम (स) को अपनी दया, रहमत व कृपा की प्रतिमूर्ति बनाकर भेजा था। महान ईश्वर ने पैग़म्बरे इस्लाम (स) को केवल इंसानों के लिए रहमत बनाकर नहीं भेजा है बल्कि पैग़म्बरे इस्लाम (स) हर उस चीज़ के लिए रहमत हैं जो इस ब्रह्मांड में है चाहे वह इंसान हो या ग़ैर इंसान। पैग़म्बरे इस्लाम को पवित्र कुरान के चमत्कार के साथ सबसे अच्छी और सबसे पूर्ण दिव्य पुस्तक के रूप में भेजा गया था।

ईरान में आज पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद मुस्तफ़ा (स) और इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम का शुभ जन्म दिवस के उपलक्ष्य में पूरे देश में जगह-जगह पर मस्जिदों, इमामबाड़ों, तथा धार्मिक और सार्वजनिक स्थलों को सजाया गया है। बहुत सी जगहों पर लोगों ने घरों और दुकानों को भी सजा रखा है। लोग एक-दूसरे को बधाइयां दे रहे हैं और मिठाइयां बांटी जा रही हैं।  ईरान में यह क्रम कल रात से आरंभ हो चुका है। पैग़म्बरे इस्लाम (स) और इमाम जाफ़र सादिक़ अलैहिस्सलाम के शुभ जन्म दिवस के अवसर पर सभाओं का आयोजन किया गया है जिसमें वक्ता इन दोनो महान हस्तियों के जीवन पर प्रकाश डाल रहे हैं। पवित्र नगर मश्हद और क़ुम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद है।

पैग़म्बरे इस्लाम सल्लल्लाहो अलैहे वा आलेही वसल्लम और उनके पौत्र इमाम जाफ़र सादिक अलैहिस्सलाम के शुभ जन्म दिवस के अवसर पर पार्स टुडे हिन्दी की पूरी टीम अपने सभी पाठकों को मुबारकबाद पेश करती है। (RZ) 

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