Oct २४, २०२१ १९:४८ Asia/Kolkata

ईरान के शीराज़ नगर में पैग़म्बरे इस्लाम के वंशज शाहचेराग़ का रौज़ा है जो कोरोना की रोकथाम के लिए टीकाकारण ‎के अभियान में बड़ी भूमिका निभा रहा है, छुट्टी का दिन हो तब भी कोई फ़र्क़ नहीं।

शुक्रवार का दिन था और सुबह ‎साढ़े दस बजे शीराज़ नगर में पैग़म्बरे इस्लाम के वंशज अहमद बिन मूसा शाहचेराग़ के रौज़े के भीतर टीकाकरण ‎चल रहा था। इस केन्द्र में चार शिफ़्टों में वैक्सीन लगाई जा रही है। ....महिला चिकित्सा कर्मी ने बताया कि हर ‎शिफ़्ट में हमारी टीम 160 से 180 लोगों को वैक्सीन लगाती है। यहां बहुत बड़ी जगह का इंतेज़ाम किया गया है। ‎जगह इतनी बड़ी है कि इसमें कोई गेट लगाए गए हैं। .....केन्द्र में काम कर रहे चिकित्सक का कहना है कि हमारे ‎पास यहां यह क्षमता है कि रोज़ाना एक साथ एक हज़ार लोगों को वैक्सीन लगाएं और 24 घंटे में हम 20 हज़ार ‎लोगों का टीकाकरण कर सकते हैं। इस पवित्र स्थल के भीतर टीकाकरण का अभियान लगातार जारी है।.... महिला ने ‎बताया कि वह जब इस जगह पर आईं तो उन्हें वैक्सीन लगने में कुल मिलाकर दो तीन मिनट का ही समय लगा। ‎यहां कई प्रकार के वैक्सीन हैं। ....डाक्टर ने बताया कि हमने यहां कई प्रकार के वैक्सीन रखे हैं इनमें कोव बरकत, ‎सीनो फ़ार्म, एस्ट्राज़िनका और पास्तो कोवैक वैक्सीन मौजूद है।

यहां इस केन्द्र में साइकिलें भी बड़ा रोल अदा कर ‎रही हैं।.....केन्द्र के एक अधिकारी ने बताया कि हमने फ़ैसला किया है कि जो लोग 21 अकतूबर से 24 अकतूबर के ‎बीच टीकाकरण में शामिल होंगे और यहां आकर टीका लगवाएंगे उनके नामों की पर्ची डाली जाएगी और लकी ड्रा के ‎ज़रिए इनाम जीतने वाले पांच लोगों को साइकिल दी जाएगी।...महिला ने कहा कि मेरा उद्देश्य यह था कि वैक्सीन ‎लगवाऊं ताकि कोरोना की रोकथाम हो। लेकिन कल मुझे इस केन्द्र से फ़ोन आया कि आप साइकिल जीत गई हैं तो ‎मुझे बहुत ख़ुशी हुई। वैसे अधिकारी बताते हैं कि साइकिल का इनाम हो या न हो फ़ार्स प्रांत के लोग बहुत बढ़ ‎चढ़कर टीकाकरण का स्वागत कर रहे हैं।....अधिकारी ने बताया कि फ़ार्स प्रांत में पहले डोज़ की बात की जाए तो 76 ‎प्रतिशत से अधिक लोग पहला डोज़ ले चुके हैं। दूसरे डोज़ की बात की जाए तो 50 प्रतिशत से अधिक लोग लगवा ‎चुके हैं। 12 साल से ऊपर आयु के लोगों के लिए ईरान के फ़ार्स प्रांत में 54 टीकाकरण केन्द्र स्थापित किए गए हैं।

‎हमें यह भी ख़याल रखना है कि वैक्सीनेटेड लोगों की संख्या बढ़ते हुए देखकर हम किसी लापरवाही में न पड़ें। ‎बल्कि संबंधित अधिकारियों और विशेषज्ञों के अनुसार अब भी कोरोना को शिकस्त देने का बुनियादी उसूल और शर्त ‎प्रोटोकोल पर अमल है। शीराज़ से आईआरआईबी के लिए महदी रहीमी की

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