Nov २६, २०२१ १८:२६ Asia/Kolkata
  • अवैध ज़ायोनी शासन के चक्कर में यूरोपीय देश, कहीं अपने राष्ट्रीय हितों को ख़तरे में न डाल देंः अबूतोराबी फ़र्द

तेहरान के इमामे जुमा ने यूरोपीय देशों को सिफ़ारशि की है कि वे अवैध ज़ायोनी शासन और अमरीका के चक्कर में पड़कर अपने राष्ट्रों के हितों को ख़तरे में न डालें। 

हुज्जतुल इस्लाम सैयद मुहम्मद हसन अबूतोराबी फ़र्द ने इस्लामी गणतंत्र ईरान और गुट चार धन एक के बीच होने वाली वार्ता की ओर संकेत किया।

उन्होंने कहा कि इस समय हर राजनीतिक विशलेषक इस बात को अच्छी तरह से जानता है कि निकट भविष्य में अवैध ज़ायोनी शासन, फ़िलिस्तीनी क्षेत्र में होगा ही नहीं।

अबूोराबी फ़र्द ने कहा कि यूरोपीय देश अपने राष्ट्रों के हितों को उस शासन से न जोड़े जिसका निकट नज़दीक है।  यह काम यूरोपीय देशों की स्ट्रैटेजिक ग़लती होगी।  उनका कहना था कि यूरोपीय राष्ट्रों के हित एशिया विशेषकर पश्चिमी एशिया के देशों के देशों से जुड़े हुए हैं।

सैयद मुहम्मद हसन अबूतोराबी फ़र्द का कहना था कि प्रतिरोधक गुटों का प्रतिरोध न होता तो पूरा यूरोप अशांति का शिकार हो जाता।  उन्होंने कहा कि प्रतिरोधक केन्द्र ने ही अपनी पूरी क्षमता से दाइश का दमन किया।

ईरान के मेधावियों के साथ इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता की मुलाक़ात की ओर संकेत करते हुए हुज्जतुल इस्लाम सैयद मुहम्मद हसन अबूतोराबी फ़र्द ने कहा कि आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली ख़ामेनेई के अनुसार इस्लामी व्यवस्था की वास्तविकता वैज्ञानिक और तकनीकी विस्तार में निहित है।

तेहरान के इमामे जुमा का कहना था कि अगर ज्ञान-विज्ञान को एकेश्वरवाद से न जोड़ा जाए तो फिर इससे शोषण करने और वर्चस्व स्थापित करने की भूमिका प्रशस्त होती है।

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