Dec ०२, २०२१ ०८:३४ Asia/Kolkata
  • ईरानः वियेना वार्ता के माहौल में ज़हर घोलने के लिए झूठ बोल रहा है इस्राईल, रूसः ईरान और अमरीका के बीच मतभेद गहरे लेकिन समझौता मुमकिन

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सईद ख़तीबज़ादे ने कहा कि ग़ैर क़ानूनी शासन इस्राईल वियेना वार्ता के वातावरण को ज़हरीला बनाने के लिए झूठ बोल रहा है इसलिए वार्ता में शामिल देशों को चाहिए कि फ़ेक न्यूज़ पर ध्यान न दें।

सईद खतीबज़ादे ने बुधवार की शाम ट्वीट किया कि इस्राईल जिसका अस्तित्व ही तनाव और विवाद पर निर्भर है एक बार फिर वियेना वार्ता का माहौल ख़राब करने के लिए झूठ फैला रहा है। उन्होंने आगे लिखा कि वार्ता के कमरे में मौजूद सभी पक्षों की स्वाधीनता और राजनैतिक इच्छा शक्ति की परीक्षा की घड़ी है, उन्हें चाहिए कि झूठी ख़बरों पर ध्यान न दें जो माहौल ख़राब करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं।

दूसरी ओर वियेना में अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में रूस के राजदूत मिख़ाइल औलियानोफ़ ने कहा कि तेहरान और वाशिंग्टन के बीच मतभेद ज़्यादा हैं लेकिन परमाणु डील को जीवित करने की काफ़ी संभावनाएं मौजूद हैं।

औलियानोफ़ ने बुधवार की रात पत्रकारों से बातचीत में कहा कि ईरान और अमरीका के बीच गंभीर मतभेद हैं लेकिन वियेना वार्ता में समझौते की वास्तविक संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने कहा कि परिस्थितियां बहुत कठिन हैं, ईरान और अमरीका के बीच गहरे मतभेद साफ़ दिखाई दे रहे हैं। औलियानोफ़ ने कहा कि ईरान इस समय एटमी डील की कई प्रतिबद्धताओं पर अमल नहीं कर रहा है लेकिन इस बिंदु को समझना ज़रूरी है कि ईरान ने यह काम दुर्भावना से नहीं बल्कि अमरीका की पाबंदियों और अधिकतम दबाव की ग़ैर ज़िम्मेदाराना नीति के जवाब में यह क़दम उठाया है। ईरान प्रतिरोध कर रहा है जिसकी उम्मीद थी इसमें कोई हैरत की बात नहीं है।

रूसी राजदूत ने कहा कि अमरीकियों को चाहिए कि सबसे पहले पाबंदियां हटाएं और ईरान को चाहिए कि अपने परमाणु कार्यक्रम को एटमी डील के दायरे में ले आए।

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