Dec ०३, २०२१ १०:४५ Asia/Kolkata
  • ईरान अतिग्रहण होने वाली भूमि नहीं है, हमने दुश्मन को कमज़ोर बना दिया है, समस्त विकल्प मेज़ पर हैं, यह बात इतिहास का भाग बन गयीः जनरल सलामी

इस्लामी क्रांति संरक्षक बल सिपाहे पासदारान के प्रमुख ने कहा कि इस्लामी व क्रांतिकारी ईरान आज मज़बूत व शक्तिशाली है और इस बात को हर दुश्मन जानता है कि यहां अतिग्रहण नहीं किया जा सकता तो अब उसने आर्थिक प्रतिबंध की नीति अपना ली है।

मेजर जनरल हुसैन सलामी ने ईलाम शहर में शहीदों के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि हमारा सबसे बड़ा गर्व यह है कि हम ईरानी जनता के सेवक हैं और हमारी सबसे बड़ी आरज़ू ईरानी राष्ट्र व जनता की इच्छाओं पर कुर्बान हो जाना है और स्वर्गीय इमाम खुमैनी रह. पर दुरूद व सलाम भेजना चाहिये कि उन्होंने हमें इज़्ज़त, स्वाधीनता और एकता का रास्ता सिखाया।

उन्होंने ईलाम को शहीदों की भूमि बताया और कहा कि ईलाम के लोग पहाड़ की भांति आठ वर्षों तक पवित्र प्रतिरक्षा के काल में बहादुरी के साथ दुश्मन के मुकाबले में डटे रहे और यह वह कार्य है जिसकी प्रशंसा व सराहना की जानी चाहिये।

जनरल सलामी ने कहा कि ईलाम की भूमि न केवल शहीदों की भूमि है बल्कि इस प्रांत के पर्वत और जंगल भी शहीदों को सलाम करते हैं। उन्होंने कहा कि ईलाम के लोग दुश्मनों के मुकाबले में डट गये ताकि उनकी भूमि का अतिग्रहण न कर लिया जाये और उन्होंने हज़रत अली अलैहिस्सलाम से सीख लिया है कि अगर दूसरे उनकी भूमि पर कब्ज़ा लेंगे तो वे ज़लील व अपमानित होंगे।

उन्होंने कहा कि रणक्षेत्र राष्ट्रों का परीक्षण स्थल है और अगर कोई राष्ट्र सुस्ती व ढ़िलाई से काम लेता है और अपने मूल्यों की रक्षा नहीं करता है तो वह इतिहास से मिट जायेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्व साम्राज्य से ईरानी जनता का संघर्ष यथावत जारी है।

जनरल हुसैन सलामी ने ईलाम प्रांत के तीन हज़ार शहीदों को श्रृद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि अगर ये शहीद आशूरा के दिन मौजूद होते तो इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम हरगिज़ दुश्मनों के मध्य न तो अकेले होते और न ही उनके परिजन बंदी बनाये जाते।

उन्होंने कहा कि अगर शहीद न होते तो राजनीतिक मंच से हमें खत्म कर देते और दोबारा हमारे भविष्य पर वर्चस्व जमा लेते। उन्होंने बल देकर कहा कि हमारे शहीदों की महानता राष्ट्रों को आज़ाद करना और शैतानों और विश्व साम्राज्य को पराजित करना है।

जनरल सलामी ने दुश्मन को संबोधित करते हुए कहा कि हम तुम्हें बहुत अच्छी तरह पहचानते हैं, हमें अनुभव है, हमारा राष्ट्र जागरुक है वह तुम्हारे शैतानी जाल में नहीं फंसेगा, तुम चाहते हो कि हमारे लोग भूखे रहें, तुमने उनका रास्ता बंद कर दिया है और ईदे नौरोज़ के अवसर पर तुम ईरानी राष्ट्र को बधाई संदेश देते हो और तुम यह समझ रहे हो कि हमारा राष्ट्र तुम्हें पहचानता नहीं। MM  

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