Jan १६, २०२२ १६:५७ Asia/Kolkata

ईरान की नौसेना शांति व सुरक्षा स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

एडमिरल शहराम ईरानी ने समुद्र में सुरक्षा स्थापित करने और समुद्र की सतह पर मौजूद जहाज़ों की सहायता करने में ईरानी नौसेना की भूमिका पर बल दिया। उन्होंने दूरस्थ समुद्री क्षेत्रों में ईरानी नौसेना की उपस्थिति के उद्देश्यों की ओर संकेत किया और कहा कि इस संबंध में किसी प्रकार की कोई सीमितता नहीं है। नौसेना कमांडर ने कहा कि ईरानी नौसेना और सिपाहे पासदारान के मध्य हर प्रकार की कार्यवाही समन्वय से होती है और यह समन्वय इस बात का कारण बना है कि दुश्मन समुद्री क्षेत्र में किसी प्रकार का विघ्न उत्पन्न नहीं कर सकता।

ईरान भौगोलिक दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है। उत्तर में कैस्पियन सागर और फार्स की खाड़ी और दक्षिण में ओमान सागर और महत्वपूर्ण स्ट्रैटेजिक हुरमुज़ जलडमरू मध्य भी ईरान के पास है। यह सब चीज़ें इस बात की सूचक हैं कि पश्चिम एशिया में ईरान की स्थिति बहुत ही संवेदनशील है।

ईरान का लगभग 90 प्रतिशत व्यापार समुद्री मार्गों से अंजाम पाता है और यह उस स्थिति में है जब अंतरराष्ट्रीय मुक्त जल क्षेत्रों को आतंकवाद और समुद्री डकैती का खतरा है परंतु समुद्र में ईरानी नौसेना की उपस्थिति इस बात का कारण बनी है कि दुश्मन चाह कर भी इस संबंध में कोई विघ्न नहीं उत्पन्न कर पा रहे हैं।

अदन की खाड़ी और बाबुल मन्दब स्ट्रैट में समुद्री डकैती के मामले के गम्भीर रूप धारण कर जाने के बाद समुद्र डाकुओं से मुकाबले में ईरान की नौसेना उल्लेखनीय भूमिका निभा रही है और अब तब उसने ईरानी और ग़ैर ईरानी हज़ारों जहाज़ों की रक्षा की है और कई बार समुद्री डकैतों से उसकी भिडंत भी हो चुकी है और उसने अपहरित जहाज़ों को आज़ाद कराया है।

ईरान की इस्लामी क्रांति के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाहिल उज़्मा सैयद अली खामनेई ने बारमबार समुद्र में भी देश की नौसेना शक्ति को मजबूत किये जाने पर बल दिया है। उन्होंने अपने एक भाषण में बल देकर कहा था कि दुनिया के बहुत से क्षेत्रों और हमारे देश में नौसेना एक महत्वपूर्ण और स्ट्रैटेजिक सेना है और उसे एक स्ट्रैटेजिक सेना की दृष्टि से देखा जाना चाहिये। देश के दक्षिण पूर्वी तट इस्लामी गणतंत्र ईरान की नौसेना के नियंत्रण में हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं और देश की प्रगति व उन्नति के लिए बहुत सारी संभावनायें इन क्षेत्रों में हैं। अतः इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिये।

ईरान की नौसेना ने भी देश के विशेषज्ञों और आंतरिक क्षमताओं पर भरोसा करते हुए अपनी शक्ति में वृद्धि कर ली है। ईरानी नौसेना के एक स्क्वाड्रन ने पहली बार जारी वर्ष के उर्दीबहिश्त महीने में 45 हज़ार किलोमीटर का समुद्री रास्ता तय किया और 133 दिनों तक वह समुद्री यात्रा पर रहा। यह ईरान के इतिहास में सबसे लंबी समुद्री यात्रा थी।

बहरहाल ईरान की नौसेना भी देश की दूसरी सेनाओं की भांति शांति व सुरक्षा स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 22 दैय 1394 हिजरी शमसी को ईरानी नौसेना के बहादुर जवानों ने जो 10 अमेरिकी सैनिकों को समुद्र में गिरफ्तार किया था वह ईरान की नौसेना की शूरवीरता का एक छोटा सा नमूना था। MM

 

 

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