Jan २७, २०२२ १८:५४ Asia/Kolkata
  • आज़रबाइजान के रक्षा मंत्री की तेहरान यात्रा

आज़रबाइजान के रक्षा मंत्री ने तेहरान की अपनी यात्रा के दौरान, ईरानी राष्ट्रपति और चीफ़ ऑफ़ आर्मी स्टाफ़ समेत कई उच्च अधिकारियों से मुलाक़ात की और दोनों देशों के बीच संबंधों में विस्तार जैस विषयों पर विचार विमर्श किया।

ईरानी राष्ट्रपति सैयद इब्राहीम रईसी ने आज़रबाइजान के रक्षा मंत्री ज़ाकिर हसनोव के साथ मुलाक़ात में कहा कि ईरान-आज़रबाइजान के बीच सिर्फ़ औपचारिक रिश्ते ही नहीं हैं, बल्कि दोनों राष्ट्रों के बीच गहरे और दोस्ताना संबंध हैं, जिनका आधार समान धार्मिक सिद्धांतों और विश्वासों पर है।

आज़रबाइजान के रक्षा मंत्री ज़ाकिर हसनोव ने भी ईरान के अधिकारियों के साथ अपनी बैठकों और वार्ता को भविष्य में सहयोग के लिए बहुत उपयोगी और पथ-प्रदर्शक बताया।

हालिया महीनों में, ज़ायोनी शासन के उकसाने पर ईरान के खिलाफ़ आज़रबाइजान के अधिकारियों के कुछ बयानों से दोनों देशों के बीच कलह आ गई थी और किसी हद तक तनाव पैदा हो गया था। सितंबर 2021 में आज़रबाइजान ने तुर्की और पाकिस्तान के साथ एक संयुक्त सैन्य अभ्यास किया था, जिसके दो सप्ताह बाद, इस्लामी गणतंत्र ईरान की सेना ने आज़रबाइजान के साथ लगने वाली सीमा पर सैन्य अभ्यास किया।

हालांकि, सीमित पैमाने पर तनाव और असहमति के बाद, दोनों सरकारों ने विवादों को सुलझाने और दो पड़ोसी देशों के रूप में ईरान और आज़रबाइजान के बीच संबंधों को सुधारने की आवश्यकता पर बल दिया। 28 नवंबर, 2021 को तुर्कमेनिस्तान की राजधानी में ईरान और आज़रबाइजान के राष्ट्रपतियों की मुलाक़ात ने भी तनाव कम करने में मुख्य भूमिका निभाई।

इस मुलाक़ात के बाद, ईरान के माध्यम से आज़रबाइजान के लिए तुर्कमेनिस्तान की गैस के हस्तांतरण के एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए गए। समझौते के मुताबिक़, ईरान सरख़्स सीमा पर तुर्कमेनिस्तान से 1.5 से 2.2 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस प्राप्त करेगा और इतनी ही मात्रा में अस्तारा सीमा पर स्वायत्त गणराज्य नख़जवान को गैस की आपूर्ति करेगा।

इसके अलावा, पश्चिम एशिया और काकेशस क्षेत्र की स्थिति और विशेष रूप से इस क्षेत्र में विदेशी हस्तक्षेप के कारण, यहां आतंकवाद को फलने फूलने का मौक़ा मिला है, और उन शक्तियों के लिए साजिशों का मार्ग प्रशस्त हुआ है जो इस क्षेत्र में स्थिरता नहीं चाहते हैं और इसकी प्रगति को बर्दाश्त नहीं करते हैं।

ज़ायोनी शासन और अमरीका क्षेत्रीय देशों के बीच मतभेदों को भड़काकर और संकट पैदा करके अपने हितों को साधने का प्रयास कर रहे हैं। इसलिए ईरान और आज़रबाइजान के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग आतंकवाद समेत उन शक्तियों पर लगाम लगाने के लिए ज़रूरी है, जो इस क्षेत्र में अस्थिरता और अशांति उत्पन्न कर रही हैं।