May २१, २०२२ १७:४० Asia/Kolkata

संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ने बताया है कि ईरान विश्व के उन दस देशों में शामिल हो चुका है जो सेटलाइट बनाकर उनको लांच करते हैं।

ईसा ज़ारेपूर ने बताया कि कड़े प्रतिबंधों और कठिनाइयों के बावजूद ईरान, अंतरिक्ष के क्षेत्र में प्रगति करने में सफल रहा है।

उन्होंने बताया कि सेटलाइट बनाने और उसको लांच करने जैसे महत्वपूर्ण काम को ईरान के व्यवहारिक बनाया है।  ईरान के संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के अनुसार वर्तमान समय में सेटेलाइट लांच करने के लिए ब्रिटेन जैसा देश रूस पर निर्भर है।  उन्होंने कहा कि वर्तमान समय मे इस्लामी गणतंत्र ईरान उन देशों की सूचि में शामिल हो चुका है जिन्होंने इस विज्ञान का स्वदेशीकरण कर लिया है।

ईरान ने वास्वत में बहुत ही कठिन समय के दौरान इस तकनीक को हासिल किया है।  आज ईरान सेटलाइट और सेटलाइट कैरियर बनाने में कामयाब रहा है।  पिछले चार दशकों के दौरान ईरान ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रगति करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलताएं अर्जित की हैं।  हालांकि प्रतिबंध लगाकर दुश्मनों ने ईरान की प्रगति एवं विकास को रोकने के बहुत प्रयास किये किंतु कई प्रकार की बाधाओं के बावजूद ईरान ने विकास के मार्ग को नहीं छोड़ा और अंततः सेटलाइट और सेटलाइट कैरियर बनाने में कामयाब रहा है।

अब ईरन उन दस देशों की सूचि में शामिल हो चुका है जो अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व में अग्रणी हैं।  वर्तमान समय में उपग्रह के प्रक्षेपण का काम 6 देशों में किया जाता है।  पिछले दो वर्षों के दौरान ईरान ने अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण क़दम उठाए।  इस प्रकार से वह सेटेलाइट कैरियर बनाने में सक्षम हुआ।  इस हिसाब से कहा जा सकता है कि इस समय ईरान के विशेषज्ञ अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी से संबन्धित सभी क्षेत्र तक अपनी पहुंच बना चुके हैं।

अंतरिक्ष के बारे में ईरान की महत्वपूर्ण उपलब्धि मार्च 2022 में नूर-2 सेटलाइट का अनावरण था।  आईआरजीसी के एक कमांडर, ब्रिगेडियर हाजीज़ादे ने इस बारे में बताया कि अंतरिक्ष प्रोद्योगिकी के क्षेत्र में हमारी प्रगति जारी रहेगी।  सरकार के प्रवक्ता अली बहादुरी कहते हैं कि अंतरिक्ष प्रद्योगिकी में ईरानी सेटेलाइट वास्तव में बहुत बड़ी स्ट्रैटेजिक उपलब्धि है।

आईआरजीसी के कमांडर हुसैन सलामी ने बताया कि ईरान वह एकमात्र मुस्लिम देश है जिसने अंतरिक्ष में सेटलाइट का प्रक्षेपण किया।  नूर-1 और नूर-2 ईरान के वे सैनिक उपग्रह हैं जिनकी तकनीक शत-प्रतिशत स्वदेशी  है जो अंतरिक्ष में मौजूद हैं।  वर्तमान समय में विश्व के 30 एसे देश हैं जिनके उपग्रह अंतरिक्ष में पाए जाते हैं।

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