May २५, २०२२ १७:४१ Asia/Kolkata
  • दुनिया बेहद ख़ास क़िस्म के हालात और चुनौतियों से गुज़र रही है

इस्लामी क्रांति के नेता आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने देश के सांसदों से मुलाक़ात में ज़ोर देकर कहा कि इंक़ेलाबी बनने से ज़्यादा अहम इंक़ेलाबी बाक़ी रहना है।

बुधवार को इमाम ख़ुमैनी इमाम बारगाह में ग्यारहवीं संसद के सदस्यों से मुलाक़ात में सुप्रीम लीडर ने आठ वर्षीय पवित्र प्रतिरक्षा के दौरान ख़ुर्रमशहर की आज़ादी की घटना का उल्लेख करते हुए ख़ुर्रमशहर की आज़ादी को एक कड़वे समीकरण के मधुर समीकरण में बदल जाने की घटना बताया।

इस्लामी क्रांति के नेता ने समीकरण के इस बुनियादी बदलाव की वजह बयान करते हुए कहा कि कठिन, जटिल और कटु परिस्थितियों से गुज़र कर फ़तह और सफलता तक पहुंचने का उसूल जेहादी क्रियाकलाप, पुख़्ता इरादा, नित नई शैली पर काम, त्याग, दीर्घकालीन नज़र और सबसे बढ़कर निष्ठा और अल्लाह पर भरोसा है।

आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने संसद को देश की प्रबंधन व्यवस्था के मुख्य स्तंभों में से एक बताया और बल देकर कहा कि क्षमताओं और ख़ामियों की सही पहचान बड़ी बुनियादी ज़रूरत है क्योंकि दुश्मन अपनी ताक़त से ज़्यादा हमारी ग़लतियों से उम्मीद लगाए हुए है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने ईरान के विशाल क्षेत्रफल, बड़ी आबादी, पुराने इतिहास और विविध जलवायु का हवाला देते हुए कहा कि ईरान जैसी पोज़ीशन रखने वाले देश का संचालन बहुत महत्वपूर्ण है और दुनिया के वर्तमान हालात के मद्देनज़र स्वाभाविक रूप से कठिन और पेचीदा है। उन्होंने साथ ही कहा कि अलबत्ता दुनिया के वर्तमान हालात में सारे देशों के लिए कठिन हालात पैदा हो गए हैं।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने दुनिया के विशेष वर्तमान हालात की वजहों पर रौशनी डालते हुए कहा कि बड़ी ताक़तों के बीच दुश्मनी भरा मुक़ाबला, परमाणु ताक़तों की एक दूसरे को धमकियां, लगातार बढ़ती सामरिक गतिविधियां, ख़तरे और यूरोप के क़रीब जंग जो दुनिया के गंभीर जंगी इलाक़ों में गिना जाता है, एक बीमारी का बहुत व्यापक पैमाने पर फैल जाना और विश्व स्तर पर खाद्य संकट वे कारण है जिनकी वजह से दुनिया में ख़ास हालात पैदा हो गए हैं और इन हालात में मुल्कों के लिए संचालन का विषय काफ़ी सख़्त और पेचीदा हो गया है।

इस्लामी क्रांति के नेता ने कहा कि दुनिया के इन ख़ास हालात के साथ ही ईरान धार्मिक लोकतंत्र का नमूना पेश करने और इसके नतीजे में वर्चस्ववादी व्यवस्था के सारे समीकरण बिगड़ जाने के कारण दुनिया की बड़ी ताक़तों के साथ अलग अलग पहलुओं से सतत चुनौतियों का सामना कर रहा है।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान इतनी दुश्मनी के बावजूद मज़बूती से डटा हुआ है और प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है।

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