Jun २८, २०२२ १४:४८ Asia/Kolkata

विदेशमंत्री ने कहा है कि तेहरान की नीति पड़ोसियों के साथ संबंधों में विस्तार और अंकारा के साथ संबंधों में मज़बूती राष्ट्रपति रईसी की सरकार की कार्यसूची में है।

अमीर अब्दुल्लाहियान ने अंकारा में अपने तुर्क समकक्ष के साथ एक संयुक्त प्रेस कांफ्रेन्स में कहा कि दोनों देशों के बीच लंबे समय तक सहकारिता व सहयोग के संबंध में प्रस्ताव को तुर्की के विदेशमंत्री के सामने पेश किया है।

समाचार एजेन्सी तसनीम की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के विदेशमंत्री ने अपने तुर्क समकक्ष मौलूद चाऊश ओगलू के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में कहा कि हमने बारमबार एलान किया है कि तेहरान की सिद्धांतिक नीति पड़ोसियों के साथ संबंधों में विस्तार और उसे प्रगाढ़ बनाना है।

इसी प्रकार उन्होंने इस्राईल के बारे में ईरान की संवेदनशीलताओं को बयान किया और आशा जताई कि प्रतिबंधों को समाप्त करने के लिए जो वार्ता हो रही है, वह अमेरिका और तीन यूरोपीय देशों की ओर से वास्तविकता पर आधारित दृष्टिकोण अपनाने से प्रतिबंधों के समाप्त होने कारण बनेगी।

इसी प्रकार उन्होंने इस संयुक्त प्रेस कांफ्रेन्स में कहा कि यूरोपीय संघ की विदेशमंत्री नीति आयुक्त जोसेफ बोरेल जो तेहरान की यात्रा पर आये थे उससे तुर्की के विदेशमंत्री चाऊश ओगलू को अवगत करा दिया गया है। विदेशमंत्री ने इसी प्रकार यमन संकट के संबंध में कहा कि हम यमन में युद्ध विराम का समर्थन करते हैं और सदैव यमन के परिवेष्टन को समाप्त किये जाने और राजनीतिक मार्गों से यमन संकट के समाधान पर बल देते हैं।

इसी प्रकार उन्होंने लीबिया के संबंध में भी कहा कि वहां हम कानूनी व एकजुट सरकार के गठन का स्वागत करते हैं। उन्होंने तुर्की के साथ व्यापारिक संबंधों में विस्तार के संबंध में कहा कि शीघ्र ही दोनों देशों के बीच संयुक्त व्यापारिक आयोग का गठन किया जायेगा। इसी प्रकार विदेशमंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने कहा कि हम सुरक्षा के संबंध में तुर्की की चिंताओं को समझते हैं और सीरिया में तुर्की की विशेष कार्यवाही के बारे में चाऊश ओगलू से विस्तार से वार्ता की।  

इसी प्रकार उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि वार्ता और शांतिपूर्ण तरीके से तुर्की की सुरक्षा चिंतायें दूर हो जायेंगी। ईरान और तुर्की दो इस्लामी और पड़ोसी देश हैं। दोनों देशों के मध्य धार्मिक, सांस्कृतिक और एतिहासिक समानतायें मौजूद हैं। इसी प्रकार बहुत से राजनीतिक मामलों में ईरान और तुर्की के जहां समान व काफी निकट दृष्टिकोण हैं वहीं कुछ मामलों में दोनों के दृष्टिकोण एक दूसरे से भिन्न हैं।

दोनों देशों के मध्य अरबों डालर का व्यापार होता है। इससे पहले दोनों देशों ने अपने व्यापारिक लेनदेन के स्तर को वर्ष 2015 तक 30 अरब डॉलर तक ले जाने का उद्देश्य रखा था जो अमेरिका के ग़ैर कानूनी प्रतिबंधों और कोरोना महामारी की वजह से अपने लक्ष्य तक न पहुंच सका।  

इस संबंध में तुर्की के विदेशमंत्री मौलूद चाऊश ओगलू ने कहा है कि दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने तेहरान और अंकारा के बीच व्यापारिक लेनदेन को 30 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है परंतु वर्तमान समय में लेनदेन की यह मात्रा बहुत कम है और हमें अधिक प्रयास करना चाहिये ताकि इस मात्रा को निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचाया जा सके और इसके लिए हम समस्त संभावनाओं से लाभ उठायेंगे। MM

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