Jul ०६, २०२२ ०९:२२ Asia/Kolkata
  • वाशिंग्टन ने कहा पाबंदियां हटाने वाले परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर के लिए तैयार, तेहरान ने कहा ठोस गैरेंटी ज़रूरी

ईरान के मामलों में अमरीका के विशेष दूत राबर्ट माली ने कहा कि अमरीका ईरान से पाबंदियां हटाने वाले समझौते पर हस्ताक्षर के लिए तैयार है लेकिन उसे इंतेज़ार है कि ईरान इसके लिए तैयार हो, वहीं ईरान के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर अमरीका के संजीदा इरादे पर निर्भर है।

माली ने कहा कि अमरीका ने प्रस्ताव रखे हैं जिन पर ईरान को जवाब देना है। उन्होंने कहा कि यूरेनियम संवर्धन के मैदान में ईरान ने चिंताजनक रूप से प्रगति कर ली है, मेज़ पर एक टाइमटेबल रखा गया है जिसके अनुसार ईरान को धीरे धीरे परमाणु समझौते के पूर्ण पालन की स्थिति में लौटना है और साथ ही साथ अमरीका ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाता जाएगा।

अमरीकी अधिकारी ने दावा किया कि ईरान को फ़ैसला करना है कि वह परमाणु समझौते के पूर्ण पालन की ओर लौटना चाहता है या नहीं।

ईरान के अधिकारी ने इस बारे में अलजज़ीरा टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि ईरान मज़बूत समझौते पर हस्ताक्षर के लिए तैयार है मगर यह अमरीका के संजीदा इरादे पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि दोहा वार्ता में हमें अमरीका के रवैए में कोई बदलाव नज़र नहीं आया। ईरान के अधिकारी ने कहा कि ईरान पर परमाणु हथियार बनाने की कोशिश करने का आरोप पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा कि हम परमाणु समझौते पर पूर्ण रूप से अमल करना चाहते हैं लेकिन पाबंदियां हटाए जाने की ठोस गैरेंट की हमें प्रतीक्षा है।

वहीं दूसरी ओर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां ने कहा कि उनका देश चाहता है कि जितनी जल्दी संभव हो परमाणु समझौते पर अमल शुरू हो जाए। उन्होंने पेरिस में इस्राईल के प्रभारी प्रधानमंत्री याईर लबीद से मुलाक़ात में कहा कि परमाणु समझौते का बचाव करना ज़रूरी है और अन्य देशों के साथ मिलकर हम ईरान को तार्किक स्थिति में लाने की कोशिश करेंगे।

इस्राईली प्रभारी प्रधानमंत्री लबीद ने बेबुनियाद दावा दोहराया कि ईरान परमाणु समझौते का उल्लंघन कर रहा है, दुनिया को चाहिए कि इस पर कार्यवाही करे।

इसी बीच यूरोपीय संघ के विदेश नीति के अधिकारी जोज़ेफ़ बोरेल ने ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान से टेलीफ़ोनी बातचीत के बाद कहा कि अगर हमें परमाणु समझौते को बचाना है तो इसी वक़्त फ़ैसला करना होगा, अभी इस समझौते को बचाना मुमकिन है लेकिन समय निकलता जा रहा है।

ईरान के विदेश मंत्री पहले भी कह चुके हैं कि उनका देश मज़बूत परमाणु समझौता चाहता है। हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियान ने ओमान के विदेश मंत्री बद्र बिन हमद बू सईदी से टेलीफ़ोनी बातचीत में कहा कि सार्थक वार्ता अमरीकी पहल और उसकी संजीदगी पर निर्भर है।

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