Aug ०५, २०२२ १४:३४ Asia/Kolkata

हर वर्ष की तरह इस साल भी मोहर्रम के पहले शुक्रवार को ईरान समेत दुनिया भर के 45 देशों में अली असग़र दिवस आज मनाया गया।

अंतर्राष्ट्रीय अली असग़र दिवस, मोहर्रम के पहले जुमे को कर्बला में आशूर के दिन शहीद होने वाले मासूम बच्चों की याद में मनाया जाता है। कर्बला में शहीद होने वाले इमाम हुसैन (अ) के सबसे छोटे बेटे हज़रत अली असग़र थे, जिनकी उम्र केवल 6 महीने थी। अली असग़र दिवस के अवसर पर ईरान, भारत, पाकिस्तान, इराक़, सऊदी अरब, तुर्की और अफ़ग़ानिस्तान समेत अन्य कई देशों में विशेष शोक सभाओं का आयोजन किया जाता है। इन शोक सभाओं में महिलाएं अपने छोटे-छोटे मासूम बच्चों को एक जैसे वस्त्र पहनाती हैं और उनके सिरों पर पट्टियां बांधती हैं, जिन पर हज़रत अली असग़र का नाम लिखा होता है। इस तरह से वे पैग़म्बरे इस्लाम (स) के परिजनों से अपनी श्रद्धा को उजागर करती हैं। महिलाएं अपने छोटे बच्चों को अपनी गोद में लेकर मरसिया और नौहा पढ़ती हैं और इस तरह कर्बला के सबसे छोटे शहीद को दुनिया भर के मासूम और नन्हे बच्चे इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम के मासूम और दुधमुहे बच्चे श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2003 में इस्लामी गणतंत्र ईरान की राजधानी तेहरान में पहली बार अंतर्राष्ट्रीय अली असग़र दिवस का आयोजन किया गया था। इसके बाद वर्ष 2004 में अंतर्राष्ट्रीय अली असग़र दिवस का आयोजन करने वाली समिति के अंतर्गत तेहरान, पवित्र नगर मशहद और क़ुम इसका आयोजन हुआ। अब दुनिया के 45 देशों में अंतर्राष्ट्रीय अली असग़र दिवस मनाया जा रहा है, जिसमें ईरान, सऊदी अरब, यमन, इराक़, तुर्की, भारत, पाकिस्तान, सिंगापूर, थाईलैंड, ब्रिटेन, जर्मनी और स्वीडन सहित 45 देश शामिल हैं। (RZ)

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