Sep २६, २०२२ १०:२२ Asia/Kolkata

पिछले कई दिनों से ईरान की राजधानी तेहरान समेत कुछ अन्य शहरों में विदेश शक्तियों के एजेंटों द्वारा की जा रही साज़िशों का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए लाखों की संख्या में ईरान की जनता ने सड़कों पर उतरकर उपद्रवियों के ख़िलाफ़ सरकार से कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने की मांग की है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, पैग़म्बरे इस्लाम (स) के स्वर्गवास और इमाम हसन अलैहिस्सलाम की शहादत के दिन रविवार को लाखों की संख्या में ईरानी जनता ने हालिया दिनों में इस्लामी आस्था और प्रतीकों का अनादर करने वालों का विरोध किया। उपद्रवियों के ख़िलाफ़ राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में उम्मते रसूलुल्लाह नामक रैलियों का आयोजन हुआ, जिसमें लाखों की संख्या में आम जनता ने इन रैलियों में भाग लेकर जहां ईरान की इस्लामी व्यवस्था के दुश्मनों की साज़िशों का मुंहतोड़ जवाब दिया वहीं देश की सरकार से मांग की कि, विदेशी शक्तियों के ऐसे सभी एजेंटों के ख़िलाफ़ ऐसी कार्यवाही की जाए जो उपद्रव करने वालों के लिए हमेशा के लिए सबक़ बन जाए। बता दें कि उपद्रवियों ने अपने उत्पात के दौरान पवित्र क़ुरआन और धार्मिक प्रतीकों का अपमान किया जिस पर आम लोगों में भारी आक्रोश पाया जाता है। सोमवार को धार्मिक अंजुमनों और पवित्र क़ुरआन से जुड़े केन्द्रों ने इस महारैली का आहवान किया किया था। महारैली का आहवान करने वाले संगठनों ने एक बयान में कहा था कि हमें बड़े खेद के साथ कहना पड़ रहा है कि पैग़म्बरे इस्लाम (स) स्वर्गवास के अवसर पर हमने देखा कि धार्मिक प्रतीकों का अपमान किया गया। पवित्र क़ुरआन, मस्जिदें और इस्लामी गणराज्य ईरान का पवित्र ध्वज जनता की नज़र में बड़ी अहमियत रखने वाली चीज़ें हैं, उपद्रवियों ने जिनका अपमान किया। हम सरकार से मांग करते हैं कि ऐसे उपद्रवियों के साथ सख़्ती से निपटा जाए और उन्हें कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए।

राजधानी तेहरान में रविवार को उम्मते रसूलुल्लाह नामक रैली का एक दृश्य

उम्मते रसूलुल्लाह नामक रैलियों के अंत में एक संकल्प पत्र जारी करके ईरान की आम जनता ने देश की सरकार से भाड़े के आतंकवादियों, व्यवस्था और सार्वजनिक सुरक्षा को बाधित करने वालों के ख़िलाफ़ निर्णायक कार्यवाही की मांग की। उम्मते रसूलुल्लाह नामक रैलियों का आयोजन करने वालों ने अपने बयान में कहा है कि ऐसे लोग जो देश की शांति को भंग करते हैं, पवित्र क़ुरआन का अपमान करते हैं, मस्जिदों और ईरान के झंडे को जलाते हैं, महिलाओं और उनके हिजाब को अपमानित करते हैं और मातृभूमि की रक्षा करने वाले सुरक्षा बलों को शहीद करते हैं, हम ऐसे सभी लोगों को देश का दुश्मन और विदेशी शक्तियों का एजेंट मानते हैं। हम ऐसे सभी उपद्रवियों और दंगाइयों की निंदा करता है जो धर्म-विरोधी हैं और जो इस्लामी मूल्यों और आदर्शों की पवित्रता का उल्लंघन करते हैं, जो ईरान की इस्लामी व्यवस्था के ख़िलाफ़ साज़िश रचने वाली शक्तियों के हाथों का खिलौना बनकर देश को कमज़ोर करने के षड्यंत्र का हिस्सा बन चुके हैं। (RZ)

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