Oct ०२, २०२२ १५:३३ Asia/Kolkata
  • इस्लामी क्रांति की फैलती रोशनी से हताश दुश्मनों की अंतिम कोशिश भी नाकामः जनरल सलामी

सिपाहे पासदाराने इंकेलाबे इस्लामी आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ ने कहा कि युवाओं को भ्रमित करना और उनको धोखा देना दुश्मनों की अंतिम चाल है।

प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, सिपाहे पासदाराने इंकेलाबे इस्लामी आईआरजीसी के कमांडर इन चीफ मेजर जनरल हुसैन सलामी ने कहा है कि हालिया दिनों में ईरान की इस्लामी क्रांति के दुश्मनों द्वारा संचालित मीडिया, महसा अमीनी की मौत का बहाना बनाकर इस्लामी व्यवस्था के ख़िलाफ़ युवाओं को उकसा रहा है। जिसके परिणास्वरूप ईरान के कई शहरों में दंगाईयों और उपद्रवियों द्वारा सार्वजनिक संपत्तियों को नुक़सान पहुंचाया गया है। गाड़ियों, मोटरसाइकिलों, बैंकों में जहां दंगाईयों द्वारा आग लगाई गई है वहीं उपद्रवियों द्वारा सुरक्षा कर्मियों पर भी हमला किया गया है। दंगाईयों द्वारा की जाने वाली कार्यवाहियों के कारण समाज के आम नागिरकों में डर का माहौल पैदा होता जा रहा है। वहीं विदेशों से संचालित होने वाले सोशल मीडिया मंच के विभिन्न प्लेटफॉर्मों के ज़रिए भी इन दंगों का हवा दी जा रही है।

दंगाईयों द्वारा सार्वजनिक संपत्तियों को आग लगाए जाने की तस्वीर

समाचार एजेंसी इर्ना के अनुसार, आईआरजीसी के कमांडर इन चीफ मेजर जनरल हुसैन सलामी ने कहा है कि हाल के दिनों में देश में घटने वाली घटनाएं दुश्मनों द्वारा चलाया जाने वाला अंतिम तीर है। उन्होंने कहा कि इस्लामी क्रांति की विश्वभर में फैलती रोशनी से दुश्मन इतना ज़्यादा हताश हो गया है कि वह युवाओं को दंगों के लिए उकसा रहा है। उन्होंने कहा कि देश के युवओं के एक छोटा वर्ग जो दुश्मनों की साज़िशों का शिकार हुआ है, हमे आशा है कि वह बहुत जल्द दुश्मनों के षड्यंत्रों को समझ जाएंगे और वही दुश्मनों के मुक़ाबले के लिए पहली पंक्ति में दिखाई देंगे। मेजर जनरल हुसैन सलामी ने दुश्मनों के उकसावे में आने वाले युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आप सब इसी राष्ट्र के बच्चे हैं, जब हम दुश्मनों से रक्षा करते हैं तो सभी की रक्षा करते हैं। इसी तरह आईआरजीसी के कमांडर इन चीफ ने दंगों के ख़िलाफ़ एकजुट खड़ी होने वाली ईरानी जनता की प्रशंसा करते हुए कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और सऊदी अरब ने एकजुट होकर मीडिया के ज़रिए इस्लामी क्रांति के दिल को निशाना बनाने का प्रयास किया है, लेकिन उन्हें एक बार फिर मुंह की खानी पड़ेगी और शर्मनाक हार का सामना करना पड़ेगा। बता दें कि पिछले दिनों ईरान के लगभग हर शहर में हाल के दिनों में हुए दंगों के ख़िलाफ़ लाखों की संख्या में आम जनता ने सड़कों पर निकलकर ईरानी राष्ट्र के ख़िलाफ़ साज़िशें करने वालों का मुंहतोड़ जवाब दिया था और अपने एकता और एकजुटता का प्रदर्शन किया था। (RZ)

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