Aug २२, २०१९ १५:२८ Asia/Kolkata

कश्मीर की स्थिति पर इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के बयान का भारत और पाकिस्तान के मीडिया और महत्वपूर्ण हस्तियों ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

भारत की प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता, सोशल एक्टिविस्ट और प्रसिद्ध पत्रकार सुहासिनी हैदर ने कश्मीर के बारे में वरिष्ठ नेता के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के ट्वीटर हैंडल से कश्मीर के बारे में होने वाले ट्वीट को रिट्वीट किया, कि हम सब कश्मीर में मुसलमानों की हालत को लेकर चिंतित हैं, भारत से हमारे संबंध अच्छे हैं, लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि भारत सरकार, कश्मीर की आदरणीय जनता के बारे में न्यायप्रिय नीति अपनाएगी ताकि क्षेत्र के मुसलमान किसी दबाव में न रहें।

भारत से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र इन्क़ेलाब ने हैडिंग लगाई कि ईरान के सुप्रिम लीडर की कश्मीर मुद्दे पर चिंता।

समाचार पत्र लिखता है कि ईरान के सुप्रिम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई ने कश्मीर में भारत की कार्यवाहियों से पैदा होने वाली तनावपूर्ण स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ईरान के भारत के साथ अच्छे सबंध हैं किन्तु ईरान, कश्मीर कश्मीरियों के लिए चिंतित है। उन्होंने कहा कि भारत, कश्मीरी जनता के क़ानूनी अधिकारों को सुनिश्चित बनाए। भारत, कश्मीर में न्यायप्रिय नीति अपनाए और इस क्षेत्र की जनता से शक्ति की भाषा में बात न की जाए।

कश्मीर की स्थिति पर वरिष्ठ नेता के बयान पर पाकिस्तानी मीडिया और पत्रकारों ने भी ज़बरदस्त प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

पाकिस्तान के प्रसिद्ध पत्रकार फ़ख़्र दुर्रानी ने वरिष्ठ नेता के ट्वीट को रिट्विट करते हुए लिखा कि सऊदी और इमाराती अधिकारियों से तो बेहतर ईरान रहा जिसके ऐतिहासिक रूप से इंडिया से अनुदाहरणीय संबंध रहे, इसके बावजूद ईरान के सुप्रिम लीडर की ओर से कश्मीरियों के हक़ में ऐसा बयान सराहनीय है।

पाकिस्तान से प्रकाशित होने वाले समाचार पत्र एक्सप्रेस की हैडिंग हैः

कश्मीर में मुसलमानों की दयनीय हालत पर चिंता हैः आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई

समाचार पत्र लिखता है कि धर्मगुरु आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने राष्ट्रपति रूहजानी और अन्य मंत्रीमंडल के सदस्यों से महत्वपूर्ण मुलाक़ात में कश्मीर में भारतीय कार्यवाहियों से पैदा हतने वाली तनावपूर्ण स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत सरकार को कश्मीर में अत्याचारग्रस्त और निहत्थी जनता के विरुद्ध आक्रमक नीति बदलने की मांग की है।

ईरान के सुप्रिम लीडर ने कहा कि भारत के साथ बेहतर संबंध हैं किन्तु ईरान कश्मीर में मुसलमानों के लिए चिंतित है और भारत मासूम नागरिकों को उनके संविधान में हासिल अधिकारों की सुनिश्चित बनाने के लिए बात करेंगे। कश्मीर मुद्दा वास्तव में ब्रिटेन की ओर से निष्कासन के समय जानबूझकर छोड़ा गया ताकि क्षेत्र में एकता और सहमति पनपने न पाए।

पाकिस्तानी वेबसाइट और अख़बार दुनिया ने हैडिंग लगाई कि ईरान के सुप्रिम लीडर सैयद अली ख़ामेनेई ने कहा कि भारत, कश्मीर पर से दबाव समाप्त करे।

ईरानी सुप्रिम लीडर ने कश्मीर की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि भारत, कश्मीर घाटी के लिए पारदर्शी नीति अपनाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और भारत को उलझाए रखने के लिए ब्रिटेन ने जानबूझकर कश्मीर मुद्दे को हल नहीं किया, तनाव को लंबा खींचने के लिए ब्रिटेन ने मुद्दे को बिना हल किए रहने दिया।

पाकिस्तान से प्रकाशित होने वाले एक समाचारपत्र और वेबसाइट डान की सुर्ख़ी थी कि भारत, कश्मीर में न्यायप्रिय नीति अपनाएः ईरान

ईरान के सुप्रिम लीडर और धार्मिक नेता आयतुल्लाहिल उज़मा सैयद अली ख़ामेनेई ने कश्मीर में तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए भारत पर बल दिया है कि वह मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में न्यायप्रिय नीति अपनाए।

ईरानी राष्ट्रपति हसन रूहानी और उनके मंत्रीमंडल से मुलाक़ात के बाद उन्होंने कहा कि भारत सरकार से हमारे अच्छे संबंध हैं किन्तु नई दिल्ली को कश्मीर में न्यायप्रिय नीति अपनानी चाहिए ताकि क्षेत्र के मुसलमान किसी दबाव में न रहें।

आयतुल्लाहिल उज़मा ख़ामेनेई ने कहा कि ब्रिटेन ने जानबूझकर कश्मीर मुद्दे का तनाव खड़ा किया था। (AK)

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