Sep २४, २०१९ १३:०० Asia/Kolkata
  • ईरान के खिलाफ अतिक्रमण का दुस्साहस किया तो  अंजाम तबाही,  सऊदी अरब और यूएई करें घर वापसी,  ईरानी सेनाध्यक्ष की कड़ी चेतावनी

इस्लामी गणतंत्र ईरान के सेनाध्यक्ष ने कहा कि आज दुश्मन, ईरान पर सीधे सैन्य आक्रमण की ओर से निराश हो चुका है क्योंकि इस प्रकार की किसी कार्यवाही का अजांम तबाही होगा।

जनरल मुहम्मद बाक़ेरी ने ईरानी में चल रहे आत्मरक्षा सप्ताह के अवसर पर संसद में अपने भाषण में कहा कि ईरान सदियों से एक कमज़ोर और पिछड़ा हुआ देश समझा जाता रहा है और हमेशा उसे साम्राज्यवादी शक्तियों की ओर से विदेशी अभियान सौंपा जाता रहा है। 

जनरल बाक़ेरी ने ईरान पर थोपे गये युद्ध के दौरान, क्षेत्रीय देशों की ओर से सद्दाम की सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि जब तत्कालीन राष्ट्रपति हाशमी रफसंजानी ने सऊदी नरेश से कहा कि आप ने क्यों इराक़ की 35 अरब डॅालर की मदद की है तो उन्होंने कहा कि जी नहीं हमने इराक़ की 50 अरब डॅालर की मदद की है । 

उन्होंने कहा कि दुनिया की बड़ी शक्तियां भी सद्दाम को हथियार और आधुनिक उपकरण और साधन देती थीं और आज यह फ्रांस और जर्मनी जैसे देश जो जेसीपीओए के अपने वचनों का पालन नहीं कर रहे हैं उस समय भी सद्दाम के साथ खड़े नज़र आते थे। 

उन्होंने कहा कि आज ईरान रक्षा के क्षेत्र में एक विकसित देश है और अगर ईरान के खिलाफ कोई सैन्य कार्यवाही नहीं हो रही है तो उसकी वजह यह है कि दुश्मन को याद है कि ईरान ने सद्दाम द्वारा थोपे गये युद्ध के दौरान किस प्रकार से अपनी रक्षा की है। 

ईरान के सेनाध्यक्ष ने कहा कि हम ने अमरीका और ज़ायोनियों से बारम्बार कहा है कि अगर हमारे देश पर हमले की नीयत  या इच्छा होगी तो जान लें कि हम पूरी ताक़त से उनका मुक़ाबला करेंगे जैसा कि हमने अमरीका के  ड्रोन विमान और ब्रिटिश आयल टैंकर के साथ किया है , हमारे देश की सीमाओं के उल्लंघन का अंजाम तबाही या बंदी बनाया जाना होगा। 

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में हमारी किसी भी देश से कोई दुश्मनी नहीं है और सऊदी अरब और संयुक्त अरब इमारात हमारे खिलाफ साज़िश करने वाले देशों के अगुवा हैं किंतु वह इस्लामी देश  हैं और रास्ता भटक गये हैं, उन्हें इस्लाम की गोद में वापसी करना और ईरान का साथ देना चाहिए और इसी दशा में क्षेत्र में शांति व सुरक्षा स्थापित हो सकती है। (Q.A.)

टैग्स

कमेंट्स