Oct ०७, २०१९ १६:२४ Asia/Kolkata

जो चाय प्रायोग की जाती है वह दो तरह की होती है। एक वह है कि जिसमें अलग से केमिकल मिलाया जाता है यह चाय सेहत के लिए बड़ी हानिकारक है।

उसमें रंग मिला देत हैं एसेंस मिला देते हैं। चाय का जो रंग आप देखते हैं असल में वह चाय का असली रंग नहीं है बल्कि उसमें अलग से रंग मिलाया जाता है और उसे ख़ास महक देने के लिए एसेंस मिलाया जाता है। इसीलिए इसमें बड़ा नुक़सान होता है।

चाय का एक नुक़सान यह है कि इसे पीने के बाद भूख का एहसास होता है। यह असली भूख नहीं झूठी भूख है। इसके कारण इंसान खाना ज़्यादा खाता है। इससे इंसान भरे पेट पर खाना खा लेता है और मेदा ख़राब होने लगता है। आज बड़ी संख्या में लोगों को मेदे की बीमारियां हैं। शायद इसकी एक वजह यही चाय है। यह स्थिति हो जाने पर शरीर को भोजन का लाभ नहीं मिल पाता।

तो चाय तो नुक़सानदेह है लेकिन वहीं गर्म पानी बहुत फ़ायदेमंद है। इसमें आप शहद भी मिला सकते हैं। यह बहुत स्वादिष्ट भी होता है और बहुत लाभकारी भी है। या दारचीन अथवा अदरक उसमें डालकर दम कर ली जाए तो बहुत अच्छा जोशांदा बन जाता है। जिनका स्वभाव सर्द है उनके लिए यह जोशांदा बहुत अच्छा है और जिनका स्वभाव गर्म है वह ठंडी चीज़ों का जोशांदा बनाएं जैसे बनफ़्शा वनस्पति का जोशांदा बना सकते हैं। इसे अंग्रेज़ी में वाइलेट प्लांट कहते हैं।  

टैग्स

कमेंट्स