Oct १३, २०१९ ०९:२२ Asia/Kolkata
  • ईरान के इस जनरल को माना दुनिया ने, विश्व का नंबर वन जनरल! किस के बारे में सोच कर इस्राईली नेताओं की नींद उड़ जाती है? बताया बांग्लादेशी लेखक ने ....

एशिया की एक पत्रिका ने ईरान के क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी के कुद्स ब्रिगेड के कमांडर, की गतिविधियों और फैसलों का जायज़ा पेश करते हुए उन्हें दुनिया का पहले नंबर का जनरल बताया है।

एशियाई मामलों के विशेषज्ञ अलताफ हुसैन ने " प्रथोम आला" समाचार पत्र में " कासिम सुलैमानी, दुनिया के पहले नंबर के जनरल " शीर्षक के अंतर्गत अपने लेख में लिखा है कि इस समय पूरी दुनिया में सब से बड़ा सैन्य विशेषज्ञ कौन है? स्वाभाविक है कि इस सवाल के जवाब में अलग अलग राय होगी लेकिन संभावित रूप से अधिकांश लोग, उस जनरल का नाम लेंगे जिसका नाम सीआईए और मोसाद की हिट लिस्ट में सब से ऊपर है।

ईरान के जनरल, क़ासिम सुलैमानी को उनके चाहने वाले, " हाज सुलैमानी" के नाम से जानते हैं। वह इस समय सीआईए और मोसाद के लिए बेहद अहम हो गये हैं। केवल मध्य पूर्व में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के सैन्य गलियारे उनकी ओर आकृष्ट हुए हैं।

 

अमरीका, जनरल सुलैमानी पर हमला क्यों नहीं करता?

अमरीकी पत्रिका फॉरने पॉलीसी ने विभिन्न पदों पर आसीन दुनिया की महत्वपूर्ण हस्तियों की एक लिस्ट जारी की जिसमें जनरल सुलैमानी का नाम दुनिया की पहले नबंर ही हस्ती के रूप में लिखा गया है। वैसे अमरीकी सरकार, जनरल सुलैमानी को एक " आतंकवादी" समझती है और उनके खिलाफ बहुत से प्रतिबंध भी लागू कर रखे हैं। बहुत से लोगों का कहना तो यह भी है कि हालिया दिनों में अमरीका ने ईरान पर जो नये प्रतिबंध लगाए हैं उनकी वजह, जनरल सुलैमानी की हालिया गतिविधियों से अमरीका का गुस्सा है।

जनरल सुलैमानी से सऊदी अरब का गुस्सा भी किसी से छुपा हुआ नहीं है। इन हालात में इस्राईल की खुफिया एजेन्सी का दावा है कि अमरीका को कम से कम दो बार अवसर मिला था लेकिन उसने जनरल सुलैमानी की हत्या नहीं की क्योंकि अमरीका आतंकवादी संगठन दाइश पर क़ाबू के लिए उनका जीवित रहना ज़रूरी समझता था। इसके अलावा अमरीका को अच्छी तरह से मालूम है कि ईरान के वरिष्ठ नेता आयतुल्लाह ख़ामनई, क़ासिम सुलैमानी पर किसी भी प्रकार के हमले को अपने खिलाफ हमला समझेंगे जिसके परिणाम में ईरान, इराक व अफगानिस्तान में अमरीकियों के लिए नर्क बना देगा।

 

अमरीकियों ने बिन लादिन के खिलाफ आसानी से आप्रेशन किया था लेकिन जनरल सुलैमानी की बात और है और उनके खिलाफ आप्रेशन अंसभव है। सीआईए के अधिकारियों को बहुत अच्छी तरह से यह मालूम है कि जनरल सुलैमानी की हत्या का मतलब जलती आग पर पेट्रोल डालना है। इस प्रकार का कोई भी क़दम अमरीका को ऐसे युद्ध में ढकेल देना जिसे खत्म करना संभव नहीं होगा यही वजह है कि अमरीकी नेता इस प्रकार का खतरनाक क़दम उठाना ही नहीं चाहते।

 

इस्राईल के लिए जनरल सुलैमानी बड़ी समस्या!

जनरल सुलैमानी अमरीका से ज़्यादा इस्राईल के लिए समस्या हैं। इस्राईली सैन्य अधिकारी, जनरल सुलैमानी को अपना दुश्मन नंबर वन समझते हैं। यह सोच कर इस्राईली अधिकारियों की नींद उड़ जाती है कि जनरल सुलैमानी के समर्थकों ने उन्हें लेबनान व फिलिस्तीन से, घेर रखा है। हालांकि ईरान और बैतुलमुक़द्दस के बीच सैंकड़ों किलीमीटर की दूरी है लेकिन जनरल सुलैमानी ने मानो ईरान की सीमा को इस्राईल से मिला दिया है। इस्राईली नेता, सीरिया में जनरल सुलैमानी के कुद्स ब्रिगेड के कार्यालय से, एटम बम से ज़्यादा डरते हैं यही वजह है कि जनरल सुलैमानी इस्राईल की हिट लिस्ट में सब से ऊपर हैं और इस्राईल अपनी यह इच्छा छुपाता भी नहीं।

 

दाइश की पराजय जनरल सुलैमानी की बदौलत!

आज दोस्त व दुश्मन सब इस हक़ीक़त को मानते हैं कि जनरल सुलैमानी के संकल्प की वजह से पूरी दुनिया में ईरान का सैन्य प्रभाव बढ़ रहा है। दूसरी ओर, आतंकवादी संगठन दाइश की पराजय का सेहरा, जनरल सुलैमानी के ही सिर बांधा गया। दूसरी ओर निरंतर बमबारी के बावजूद हिज़्बुल्लाह पहले से अधिक मज़बूत हुआ है यही वजह है कि इस्राईली अधिकारियों को अच्छी तरह से मालूम है कि उनके दिलों में घर कर चुका डर कभी खत्म नहीं होगा बल्कि आगामी दिनों में उसके बढ़ने की भी संभावना है।

 इतनी बड़ी हस्ती होने के बावजूद जनरल सुलैमानी बेहद साधारण जीवन व्यतीत करते हैं, युद्ध में एक साधारण की जैकेट पहने नज़र आते हैं औज्ञ यही वजह है कि उनके चाहने वाले उन्हें " मालिके अश्तर" कहते हैं जो इस्लामी इतिहास में हज़रत अली अलैहिस्सलाम के सेनापति थे।

ईरान के विरोधी, जनरल सुलैमानी की रणनीति के सामने चित हो चुके हैं। इस्राईल, अमरीका और सऊदी अरब की कोशिश है कि ईरान के खिलाफ एक मोर्चा बनाएं। इस्राईली योजना के अनुसार ईरान की अर्थ व्यवस्था को तबाह करने के लिए दशको से ईरान पर प्रतिबंध लगाए गये हैं। ईरान की शक्ति कम करने के लिए इस देश के वैज्ञानिकों की हत्या की जाती है। ईरान के भीतर आतंकवादी कार्यवाहियों के लिए कई सशस्त्र संगठन बनाए गये हैं। यही वजह है कि जनरल सुलैमानी का ख्याल है कि इन हालात में ईरान को अपनी सुरक्षा के लिए, अपनी सीमा से बाहर अपनी उपस्थिति को अधिक मज़बूत करना चाहिए। (Q.A.)

 

 

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