Dec १३, २०१९ १५:५० Asia/Kolkata
  • ईरान से रिश्तों में सुधार के लिए सऊदी अरब के ख़ुफ़िया प्रयास, वाल स्ट्रीट जर्नल

अमरीकी अख़बार वाल स्ट्रीट जर्नल का दावा है कि अमरीका से हटकर, सऊदी अरब ने ईरान और अपने अन्य क्षेत्रीय प्र प्रतिद्वंद्वियों से रिश्तों में सुधार के लिए प्रयास तेज़ कर दिए हैं।

अख़बार का कहना है कि सऊदी अरब की अर्थव्यवस्था पूर्ण रूप से तेल पर निर्भर है और क्षेत्र में तनाव से तेल से होने वाली आय बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रही है, इसलिए रियाज़ ने बहुत ही ख़ामोशी से तेहरान और क्षेत्र के अन्य देशों से अपने रिश्तों में सुधार के लिए प्रयास शुरू कर दिए हैं।

वाल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक़, इसकी एक दूसरी वजह अमरीका से मिलने वाले समर्थन के बारे में सऊदी अरब को संदेह है। इसलिए कि सितम्बर में अरामको पर हवाई हमलों के कारण 50 प्रतिशत से अधिक तेल उत्पादन कम में कटौती हो गई, जिससे सऊदी अरब को भारी नुक़सान झेलना पड़ रहा है।

अमरीका में ट्रम्प प्रशासन ने इन हमलों के लिए ईरान को ज़िम्मेदार तो ज़रूर ठहराया, लेकिन ईरान के ख़िलाफ़ कोई एक्शन नहीं लिया, बल्कि सऊदी अरब में अपने सैनिकों की संख्या में वृद्धि करके इस देश पर अधिक आर्थिक बोझ डाल दिया।

एक सऊदी अधिकारी का कहना है कि 14 सितम्बर के हमलों से खेल का समीकरण ही बदल गया है।

अमरीकी अख़बार ने यह भी दावा किया है कि पिछले दिनों के दौरान ईरानी और सऊदी अधिकारियों ने सीधे तौर पर और ओमान, कुवैत तथा पाकिस्तान के मध्यस्थता से एक दूसरे के साथ संदेशों का आदान-प्रदान किया है।

हालांकि ईरान के राष्ट्रपति समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट रूप से पहले ही सऊदी अरब समेत अपने सभी पड़ोसी देशों को दोस्ती और शांति वार्ता का निमंत्रण दिया था और इसके लिए एक होरमुज़ पीस प्लान के नाम से एक शांति योजना भी पेश की है। msm

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