Jan १९, २०२० १३:५१ Asia/Kolkata
  • यूरोप को अन्यायपूर्ण व्यवहार से बचना चाहिएः लारीजानी

ईरान के संसद सभापति ने कहा है कि यूरोप को अब अन्यायपूर्ण व्यवहार से पूरी तरह से बचना चाहिए।

अली लारीजानी ने कहा कि जेसीपीओए के मतभेदों को हल करने के बारे में यूरोप के अन्यायपूर्ण व्यवहार की स्थिति में ईरान, आईएईए के साथ सहयोग के बारे में गंभीरता से कोई फैसला करेगा।

ईरान के संसद सभापति ने रविवार को संसद की बैठक में कहा कि यूरोपीय देशों के एक मंत्री ने एलान किया कि अमरीका ने यूरोपियों को धमकी दी है कि अगर जेसीपीओए के भीतर मतभेद को हल करने का प्रयास नहीं किया तो अमरीका, यूरोप से आयात होने वाले वाहनों पर 25 प्रतिशत का टैरिफ़ लगा देगा।  लारीजानी ने कहा कि खेद की बात है कि अमरीका ने यूरोप के शक्तिशाली देशों के साथ अन्यायपूर्ण बात कर रहा है।  उन्होंने जेसीपीओए के बारे में यूरोप की ओर से वचनों को तोड़ने की ओर संकेत करते हुए कहा कि एक साल से अधिक समय से अमरीका जेसीपीओए के बारे में शत्रुतापूर्ण नीति अपनाए हुए है और इस बीच यूरोप केवल घोषणापत्र जारी करने को ही पर्याप्त समझ रहा है।

ईरान के संसद सभापति ने कहा कि ईरान धमकियां नहीं देता किंतु वह यूरोप के व्यवहार के आधार पर आवश्यक कार्यवाही करेगा।  ज्ञात रहे कि अमरीका की ओर से 8 मई 2018 को परमाणु समझौते से एकपत्रीय रूप में निकलने के बाद जर्मनी, ब्रिटेन और फ़्रांस ने वादा किया था कि वे ईरान आर्थिक हितों की सुनिश्चित बनाते हुए इस समझौते को सुरक्षित करेगा किंतु उसने व्यवहारिक रूप में कोई क़दम नहीं उठाया है। 

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