Feb २६, २०२० ०८:५८ Asia/Kolkata
  • ट्रम्प ने दाइश से ईरान की घृणा की बात स्वीकार कर ही लीः ज़रीफ़

विदेश मंत्री ने अपने एक ट्वीट में कहा है कि अमरीका के राष्ट्रपति ने अंततः यह बात मान ही ली कि अमरीकी सैनिक, सीरिया के तेल के लिए इस देश में हैं और ईरान, दाइश से घृणा करता है।

मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने अपने ट्वीटर हैंडल पर लिखा कि डोनल्ड ट्रम्प ने वह बात स्वीकार की है जो हम सब पहले से जानते हैं और वह यह कि अमरीकी सैनिक सीरिया में इस लिए हैं ताकि तेल ले जा सकें। उन्होंने इसी तरह ट्वीट में कहा है कि ट्रम्प ने यह बात भी मानी है कि ईरान, दाइश से घृणा करता है और सीरिया, रूस और ईरान दाइश से संघर्ष कर सकते हैं। ज़रीफ़ ने आगे कहा है कि मगर अमरीका न सिर्फ़ यह कि दाइश से नहीं लड़ा बल्कि उसने बड़ी कायरता से दाइश के सबसे बड़े दुश्मन (शहीद जनरल क़ासिम सुलैमानी) की हत्या कर दी और यह ऐसा काम था जिससे केवल ट्रम्प के अधीन लोग और दाइश के आतंकी ख़ुश हुए।

 

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात में यह दावा करते हुए कि अमरीका ने अलक़ायदा, दाइश व अन्य आतंकी गुटों को हरा दिया है, कहा कि अमरीका की तरह ही ईरान, रूस व इराक़ समेत अन्य देशों को भी इन गुटों से संघर्ष करना चाहिए। ट्रम्प का यह दावा ऐसी स्थिति में सामने आया है कि जब उन्हीं के अनुसार अमरीका ने ही आतंकी गुट दाइश को अस्तित्व प्रदान किया है जबकि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने इराक़ व सीरिया में दाइश से संघर्ष करके इन देशों से इस गुट का ख़ात्मा कर दिया है। (HN)

टैग्स

कमेंट्स