May २०, २०२० १९:३९ Asia/Kolkata
  • मेडिकल साइंस में क़ुरआनी शिक्षाओं का इस्तेमाल ज़रूरी, शरीर और आत्मा को एक दूसरे से अलग करके मेडिकल साइंस ने स्ट्रैटेजिक ग़लती कीः ईरानी स्वास्थ्य मंत्री डाक्टर नमकी

ईरान के स्वास्थ्य मंत्री डाक्टर सईद नमकी ने कहा कि मेरे विचार में इन दिनों जिस किताब को सबसे ज़्यादा नज़रअंदाज़ किया जा रहा है वह क़ुरआन है, हम आशा करते हैं कि इस आसमानी किताब को इस स्थिति से बाहर लाया जाएगा।

डाक्टर नमकी ने बताया कि मुझे बचपन से क़ुरआन से लगाव था और हमारी मां इस बात से बहुत ख़ुश हो जाती थीं कि मैं क़ुरआन पढ़ना सीख रहा हूं और बाद में मुझे संगीत का ज्ञान हासिल करने के बाद पता चला कि संगीत की विशेषताओं के हिसाब से भी क़ुरआन दुनिया की सबसे आकर्षक किताब है।

डाक्टर नमकी ने कहा कि अगर हम स्वास्थ्य की बात करें तो असली स्वास्थ्य यह है कि शरीर, आत्मा और समाज सब स्वस्थ हों।

डाक्टर नमकी का कहना था कि आत्मा और शरीर के विषयों को एक दूसरे से अलग करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि इंसान की मानसिक स्थिति ठीक न हो तो उसका पेट ख़राब हो जाता है, नींद उड़ जाती है, हृदय की गतिविधि भी प्रभावित होती है। डाक्टर नमकी ने कहा कि इससे पता चलता है कि शरीर और आत्मा का एक दूसरे से गहरा रिश्ता है। उन्होंने कहा कि यदि हम क़ुरआन की छाया में मेडिकल साइंस के मंच पर काम करना चाहते हैं तो हमें शरीर के स्वास्थ्य का ध्यान रखने के साथ साथ इंसानों की आत्मा और अध्यात्म को कुरआनी शिक्षाओं से मज़बूत करना होगा।

डाक्टर नमकी का कहना था कि समाज में इस विचार को आम करने की ज़रूरत है कि मन और आत्मा के स्वास्थ्य और शांति के लिए क़ुरआन की मदद ली जा सकती है और इस संदर्भ में समाजशास्त्री और मनोवैज्ञानिक हमारी मदद कर सकते हैं।

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