May २१, २०२० ०८:४४ Asia/Kolkata
  • क्या ईरानी तेल टैंकरों को वेनेज़ोएला के तट पर पेट्रोल की खेप उतारने से रोक पाएगा अमरीका? क्या ईरान फ़ार्स खाड़ी में अमरीकी नौकाओं से लेगा इंतेक़ाम? हमें ब्रिटेन की याद आ रही है!

ईरान और अमरीका के बीच बहुत जल्द एक और मोर्चे पर तनाव बढ़ने जा रहा है मगर इस बार फ़ार्स खाड़ी के तनावपूर्ण इलाक़े में नहीं बल्कि कैरेबियन सागर में।

कहानी की शुरुआत तब हुई जब ईरानी नेतृत्व ने फ़ैसला किया कि अमरीकी नाकाबंदी का सामना कर रहे वेनेज़ोएला की मदद के लिए वह पेट्रोल के पांच सुपर टैंकर इस देश के लिए रवाना करेगा। अमरीका की नाकाबंदी की वजह से वेनेज़ोएला की कारदोन रिफ़ाइनरी बंद हो गई है और मादोरो सरकार के सामने ईंधन का गंभीर संकट पैदा हो गया है।

ट्रम्प सरकार ने चार युद्धपोत और युद्धक विमान इसी इलाक़े में भेजे हैं और ख़बरें हैं कि यह युद्धपोत ईरानी तेल टैंकरों को वेनेज़ोएला के तट पर पेट्रोल ख़ाली नहीं करने देंगे बल्कि ज़रूरत पड़ी तो ताक़त का इस्तेमाल करेंगे।

यह पहला मौक़ा नहीं है कि ईरान अपने घटक वेनेज़ोएला की मदद के लिए क़दम बढ़ा रहा है लेकिन इस समय जब फ़ार्स खाड़ी के इलाक़े में अमरीका और ईरान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया है और दोनों देश एक दूसरे को धमकियां दे रहे हैं तो इस बात की आशंका है कि राष्ट्रपति ट्रम्प ईरानी तेल टैंकरों के ख़िलाफ़ कोई नई मूर्खता कर बैठें जो वेनेज़ोएला के ख़िलाफ़ अमरीका की नाकाबंदी तोड़ने जा रहे हैं।

अगर वेनेज़ोएला के तट के क़रीब कैरेबियन सागर में टकराव होता है तो वहां ईरान के पास अपने तेल टैंकरों की रक्षा के लिए कोई साधन नहीं है लेकिन फ़ार्स खाड़ी में वह अमरीकी युद्धपोतों से बड़ी आसानी से इंतेक़ाम ले सकता है। यहीं से यह बात समझ में आती है कि ट्रम्प ने क्यों धमकी दी है कि अगर फ़ार्स खाड़ी में ईरानी नौकाएं अमरीकी युद्धपोतों के क़रीब आईं तो उन पर हमला कर दिया जाएगा।

ईरान की आईआरजीसी फ़ोर्स ने एक बयान में कहा है कि वेनेज़ोएला जाने वाले तेल टैंकरों के ख़िलाफ़ अगर अमरीका ने कोई भी कार्यवाही की तो उसे नतीजा भुगतना पड़ेगा।

क्या हमारे सामने फिर उस तरह का विवाद जन्म ले रहा है जो जिबराल्टर स्ट्रेट से गुज़र कर सीरिया जाने वाले ईरानी तेल टैंकर को ब्रिटेन द्वारा रोक लिए जाने के बाद पैदा हो गया था। हमें तो लगता है कि वही दृश्य एक बार फिर दोहराया जाएगा। पिछली बार यह हुआ था कि जवाब में ईरान ने ब्रिटेन का तेल टैंकर फ़ार्स खाड़ी के इलाक़े में पकड़ लिया था और उसे तब तक नहीं छोड़ा था तब जब ईरानी टैंकर को नहीं छोड़ दिया गया। अगर अमरीका ने ईरानी तेल टैंकरों के ख़िलाफ़ कोई कार्यवाही की तो ईरान बिल्कुल इसी तरह अमरीकी जहाज़ों को भी पकड़ लेगा।

ईरान वह देश है जो अपने घटकों को कभी भी अकेला नहीं छोड़ता चाहे वह सीरिया हो या वेनेज़ोएला। वेनेज़ोएला के पूर्व राष्ट्रपति होगो चावेज़ ने भी अमरीका और ईरान के बीच गहरे तनाव और विवाद के समय तेहरान की यात्रा की थी और अमरीका को ठेंगा दिखा दिया था।

हो सकता है कि छेड़छाड़ की कार्यवाही कैरेबिन सागर में हो और टकराव फ़ार्स खाड़ी में शुरू हो जाए। बचने का एक ही रास्ता है कि ट्रम्प ख़ामोशी से अपने क़दम पीछे खींच लें जैसा वह इससे पहले कई बार कर चुके हैं।

स्रोतः रायुल यौम

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