May २५, २०२० ०९:१९ Asia/Kolkata
  • ईरानी तेल टैंकर का वेनेज़ोएला पहुंचना ट्रम्प ही नहीं पूरे अमरीकी साम्राज्यवाद के मुंह पर ज़ोरदार तमाचा है, ईरान की चेतावनी कारगर रही+वीडियो

हमें यह नहीं मालूम कि उस समय अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की क्या मनोदशा रही होगी जब उन्होंने देखा होगा कि ईरान का तेल टैंकर अमरीकी नाकाबंदी तोड़ते हुए वेनेज़ोएला के तट पर पहुंच गया, लेकिन हमें इतना तो ज़रूर मालूम है कि ट्रम्प को अपनी बेइज़्ज़ती और अपनी हार का शिद्दत से एहसास हुआ होगा।

अमरीका धमकी दे रहा था कि वह ईरानी तेल टैंकरों को ज़ब्त कर सकता है और उन्हें वेनेज़ोएला पहुंचने से रोक सकता है।

ईरान और अमरीका के बीच बहुत बुनियादी फ़र्क़ सारी दुनिया के सामने आया है। ईरान वेनेज़ोएला के लिए तेल और पेट्रोलियम पदार्थ भेजता है और अमरीका वेनेज़ोएला में निकोलस मादोरो की निर्वाचित सरकार का तख़्ता उलटने के लिए एजेंट भेजता है ताकि वहां अपने किसी एजेंट को सत्ता में पहुंचा सके।

घमंडी अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प को अच्छी तरह पता चल चुका है कि ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी ने अगर धमकी दी है कि अमरीका ने किसी भी ईरानी तेल टैंकर का रास्ता रोकने की कोशिश की तो ईरान की जवाबी कार्यवाही अमरीका को दहला देगी, तो इस धमकी का एक एक लफ़्ज़ ठोस पैग़ाम है।

एक बार ब्रिटिश नौसेना ने यह दुस्साहस किया था कि ईरान के तेल टैंकर को जिबराल्टर स्ट्रेट में पकड़ लिया था जो अमरीकी नाकाबंदी तोड़ते हुए सीरिया जा रहा था। एक हफ़्ता भी नहीं गुज़रा था कि ईरानी नौकाओं ने फ़ार्स खाड़ी के इलाक़े में ब्रितानी तेल टैंकर को धर दबोचा और दूसरे टैंकर की तलाशी ली। यह सब कुछ इसी इलाक़े में मौजूद अमरीकी युद्धक नौकाओं की आंखों के सामने हुआ और अमरीका की हिम्मत नहीं पड़ी कि कोई हस्तक्षेप करता। बाद में अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने ब्रिटेन के ज़ख़्म पर यह कहकर नमक भी छिड़क दिया कि अमरीकी युद्धपोत केवल अमरीकी जहाज़ों की रक्षा के लिए हैं। इस बयान से ट्रम्प ने अपने ब्रितानी घटकों को तमाचा मारा था जिन्होंने अमरीका के ही इशारे पर ईरान का तेल टैंकर ज़ब्त किया था।

अमरीका की प्रतिबंध लगा देने की रणनीति वेनज़ोएला, ईरान और सीरिया में विफल हो चुकी है और बहुत जल्द उसे चीन और रूस में भी पराजय होने वाली है। प्रतिबंधों और नाकाबंदी की अमरीकी रणनीति अब बेअसर हो चुकी है क्योंकि इसके ख़िलाफ़ पूरी दुनिया धीरे धीरे एकजुट होती जा रही है, नतीजा यह हुआ है कि अमरीकी प्रभुत्व अब हिचकोले खाने लगा है। अमरीकी प्रतिबंधों के ख़िलाफ़ आम लोगों में नफ़रत पैदा हो रही है क्योंकि यह पूरी तरह ग़ैर क़ानूनी प्रतिबंध हैं।

कठिन समय में अपने मित्र और घटक वेनेज़ोएला के लिए ईरान की मदद साबित करती है कि दुनिया में कुछ देश हैं जिन्हें अमरीकी धमकियों की कोई परवाह नहीं है और वह अपने दोस्तों की हिफ़ाज़त में अमरीका से भी टकरा जाने के लिए तैयार हैं।

वेनज़ोएला के तट पर ईरानी तेल टैंकरों का पहुंचना अमरीकी साम्राज्यवाद की शिकस्त है और तय है कि अगर अमरीका ने कोई हिमाक़त की तो यह शिकस्त फ़ार्स खाड़ी और ओमान सागर में अमरीका की दूसरी पराजयों की भूमिका बन जाएगी। यह याद कर लेना चाहिए कि किस तरह ईरान ने 20 किलोमीटर की ऊंचाई पर उड़ने वाले अमरीकी ड्रोन ग्लोबल हाक को मार गिराया था। हो सकता है कि इस तनाव के माहौल में हमें फिर इसी तरह का कोई दृश्य देखने को मिले।

यह ट्रम्प की नाक रगड़े जाने का एतिहासिक लम्हा है जो अमरीकी प्रतिबंधों का सामना करने वाले राष्ट्रों को संदेश देता है कि दुनिया में कुछ देश हैं जिनके अंदर अमरीका को ललकारने का साहस है।

अमरीका को अपने मन से यह भ्रम निकाला देना चाहिए कि दुनिया के देश उसकी धौंस से डर जाते है। ईरान के नेतृत्व में एक बड़ा फ़्रंट बना है जिसे प्रतिरोधक मोर्चा कहा जाता है। इसमें शामिल कोई भी देश और कोई भी संगठन अमरीका से नहीं डरता।

स्रोतः रायुल यौम

 

टैग्स

कमेंट्स