Jul ०१, २०२० १३:५३ Asia/Kolkata
  • सुरक्षा परिषद के 15 में से 14 सदस्यों ने परमाणु समझौते का समर्थन करके ईरान के मुक़ाबले में अमरीका की हार को एक बार फिर स्पष्ट कर दियाः रूहानी

राष्ट्रपति रूहानी ने कहा है कि सुरक्षा परिषद के 15 में से 14 सदस्यों ने परमाणु समझौते का समर्थन करके ईरान के मुक़ाबले में अमरीका की हार को एक बार फिर जगज़ाहिर कर दिया है।

डाॅक्टर हसन रूहानी ने बुधवार को मंत्रीमंडल की बैठक में वाइट हाउस में नई सरकार को आए हुए साढ़े तीन साल का समय गुज़रने की ओर इशारा किया और कहा कि इस अवधि में विश्व समुदाय ने तेहरान के ख़िलाफ़ वाॅशिंग्टन के ग़ैर क़ानूनी, क़ानून विरोधी और मानवाधिकार विरोधी क़दमों को ही देखा है। उन्होंने कहा कि यद्यपि अमरीकी अपना हिसाब किताब लगा कर संभावित रूप से यह कहें कि आर्थिक क्षेत्र में उन्हें कुछ सफलताएं हासिल हुई हैं लेकिन निश्चित रूप से इन साढ़े तीन बरसों में राजनैतिक, क़ानूनी व नैतिक मैदानों में अमरीकियों को बार बार ईरान से पराजित होना पड़ा है।

 

ईरान के राष्ट्रपति ने हालिया हफ़्तों में अमरीका की राजनैतिक पराजयों की तरफ़ इशारा करते हुए कहा कि आज तक संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद के सभी सदस्य किसी न किसी रूप में ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका के प्रस्ताव के मसौदे के विरोधी हैं और सुरक्षा परिषद व विश्व जनमत में ईरान के ख़िलाफ़ माहौल बनाने में अमरीकियों को कोई सफलता नहीं मिली है। डाॅक्टर हसन रूहानी ने इसी तरह मंगलवार को सुरक्षा परिषद की बैठक में परिषद के 15 में से 14 सदस्यों की ओर से ईरान के साथ हुए परमाणु समझौते के भरपूर समर्थन को इस्लामी गणतंत्र ईरान के मुक़ाबले में अमरीका की पुनः पराजय का प्रदर्शन बताया और कहा कि जिस दिन और जिस पल, सामने वाले पक्ष परमाणु समझौते के अपने सभी वादों को पूरा करने के लिए तैयार हो जाएं, उसी दिन और उसी क्षण ईरान भी परमाणु समझौते के अंतर्गत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के मार्ग पर लौट आएगा। (HN)

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