Jul ०४, २०२० २०:२९ Asia/Kolkata
  • क्या इस्राईल ने ईरान के परमाणु ठिकाने पर बमबारी की ? अमरीका के नेश्नल इन्ट्रेस्ट की रिपोर्ट,  रूसी न्यूज़ एजेन्सी ने भी रोचक चर्चा की है

पिछले सप्ताह तेहरान के पूरब में स्थित पारचीन परमाणु प्रतिष्ठान में धमाका हुआ और उसके कुछ दिन बाद गत गुरुवार को ईरान के नतन्ज़ परमाणु प्रतिष्ठान में दुर्घटना हुई जिसके बाद पहले सोशल मीडिया पर और बाद में कुछ संचार माध्यमों में इन घटनाओं के पीछे इस्राईल का हाथ होने की बात कही गयी।

     ईरान की परमाणु ऊर्जा एजेन्सी के प्रवक्ता बेहरुज़ कमाल वंदी ने बताया कि गुरुवार की सुबह, नतन्ज़ परमाणु प्रतिष्ठान के एक खुले मैदान में बनायी जाने वाली एक युनिट में दुर्घटना हुई जिसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ  न ही परमाणु प्रतिष्ठान का काम प्रभावित हुआ।

     बीबीसी परशियन ने तत्काल की बताया कि नतन्ज़ में एक भूमिगत संगठन ने हमला किया और उसके बाद इस्राईल के एक पत्रकार ईदी कोहन ने तत्काल दालवा किया कि यह सब इस्राईल के हवाई हमले का परिणाम है!

     अमरीका की नेश्नल इन्ट्रेस्ट पत्रिका ने बमबारी वगैरा की बात किये बिना, इसे साइबर अटैक का परिणाम बताने की कोशिश की लेकिन अमरीका और इस्राईल की ओर से खंडन की खबर भी दी।

     नेशनल इन्ट्रेस्ट ने लिखा कि “ अमरीका और इस्राईल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नुकसान पहुंचाने के लिए अतीत में भी एक दूसरे के साथ सहयोग किया है। इसके लिए उन्होंने ईरान के परमाणु वैज्ञानिको की हत्या के लिए मोटर साइकिल सवार क़ातिलों और परमाणु प्रतिष्ठानो को नुक़सान पहुंचाने के लिए स्टैक्सनेट साइबर हथियार का भी प्रयोग किया था।“

     नेशनल इन्ट्रेस्ट ने लिखा है कि” इस्राईली पत्रकार बाराक राविड ने अमरीकी प्रतिनिधि ब्रायन हूक से एक इन्टरव्यू के दौरान ईरान में होने वाले धमाकों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि इस विषय पर कहने के लिए हमारे पास कुछ नहीं है लेकिन उन्होंने यह ज़रूर कहा कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम बेहद चितांजनक है। इस्राईली अधिकारियों ने भी न्यूयार्क टाइम्ज़ को बताया है कि इन धमाकों में उनका कोई हाथ नहीं है। “

     ऐसे हालात में जब अमरीका व इस्राईल किसी भी प्रकार से इन घटनाओं में लिप्त होने से इन्कार कर रहे हैं , कुवैत के अलजरीदा अखबार ने दावा किया है कि पारचीन परमाणु प्रतिष्ठान पर इस्राईल ने बमबारी की है और  इसके लिए उसने एफ-16 युद्धक विमानों का प्रयोग किया है!

पारचीन

 

     ध्यान योग्य बात यह है कि पिछले वर्ष अमरीका के अत्याधुनिक ड्रोन विमान, ग्लोबल हॉक को ईरानी वायु सीमा में घुसे कुछ सेकेंड ही हुए थे कि ईरानी एयर डिफेन्स यूनिट ने उसे मार गिराया।

      अमरीका में सैन्य उत्पादन का ताज कहे जाने वाले ग्लोबल हॉक में राडार से बचने का जो सिस्टम है जो एफ-16 से भी अत्याधिक युद्धक विमान एफ-35 में इस्तेमाल होता है। इस लिए तकनीकी लिहाज़ से इस बात की संभावना नहीं कि इस्राईल के एफ-16 विमान तेहरान के निकट किसी जगह तक पहुंचें और फिर बमबारी करके वापस भी चले जाएं!

     सैनिक दृष्टि से भी इस्राईल में इतना साहस ही नहीं है कि वह ईरान के खिलाफ इस तरह से कोई खुली कार्यवाही करे क्योंकि इस तरह से वह ईरान को अपने खिलाफ कार्यवाही का लाइसेंस दे देगा और ईरान अमरीका के खिलाफ कार्यवाही में नहीं हिचकिचाता तो फिर इस्राईल की औक़ात ही क्या?

     रूस की स्पूतनिक न्यूज़ एजेन्सी ने नतन्ज़ के बारे में लिखा है कि “ अमरीका, इस्राईल यहां तक कि स्वंय बीबीसी परशियन ने बरसों तक यही कहा है कि नतन्ज़ की सुरक्षा बेहद मज़बूत है। अस्ल बात यह है कि ईरान में जो कुछ हुआ है उसे अपना कारनामा बनाने के लिए ईरान के दुश्मनों में होड़ लगी है और वह एक दूसरे को पीछे छोड़ने में लगे हैं “

     स्पूतनिक के अनुसार इस दुर्घटना में जो बात यकीन से कही जा सकती है वह यह है कि नतन्ज़ के परमाणु प्रतिष्ठान के एक शेड में आग लग गयी बस इसके अलावा जो कुछ कहा जा रहा है वह सब कुछ संचार माध्यमों की कल्पना का परिणाम है क्योंकि सुबूत किसी के पास नहीं!  

ईरानी परमाणु वैज्ञानिकों को शहीद कर दिया गया 

 

     सच्चाई यह है कि इस्राईल ने हमेशा स्वंय को शक्तिशाली साबित करने के लिए संचार माध्यमों का सहारा लिया है और चूंकि पूरी दुनिया के  मीडिया पर इस्राईल अमरीका या उनके घटकों का प्रभाव है इस लिए यह संचार माध्यम इस्राईल की खुफिया एजेन्सी, उसकी सेना और उसकी तकनीक का महिमामंडन करते रहते हैं ताकि उसके अजेय व अभेद्य होने का विचार पूरी दुनिया में फैल जाए।

     इस्राईल  और उसके संबंधित मीडिया ने दशकों तक मेहनत करके इस्राईली सेना को अजेय साबित किया था लेकिन लेबनान के कुछ युवाओं पर आधारित गुट हिज़्बुल्लाह ने सन 2000 में इस्राईल को दक्षिणी लेनबान से खदेड़ दिया और फिर उसके बाद दो युद्धों में इस्राईली सेना को धूल चटा कर इस कल्पना को खत्म कर दिया।

      इस लिए ईरान में जो दुर्घटनाएं हुई हैं उसकी वजह जो भी है फिलहाल इस्राईल, सोशल मीडिया और कुछ एजेन्टों की मदद से उसे अपना कारनामा बता कर अपनी धाक जमाने की कोशिश कर रहा है। Q.A. इनपुट, नेशनल इन्ट्रेस्ट, अलजरीदा, स्पूतनिक न्यूज़ एजेन्सी से ।

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