Jul १०, २०२० १६:४० Asia/Kolkata
  • तारीफ़ वह जो दुश्मन करे, अमरीकी कमांडर जनरल मैकेंज़ी ने जनरल सुलेमानी का पढ़ा क़सीदा, ईरान की शक्ति का माना लोहा

पश्चिम एशिया में अमरीकी सेना (सेंटकॉम) के प्रमुख कमांडर ने दावा किया है कि जनवरी में अमरीकी ड्रोन हमले में जनरल सुलेमानी की मौत के बाद, फ़ैसले लेने की ईरान की क्षमता प्रभावित हुई है, लेकिन ऐसा ज़्यादा देर तक रहने वाला नहीं है।

ब्लूमर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक़, जनरल केनेथ मैकेंज़ी का कहना था कि ईरान की क़ुद्स फ़ोर्स के कमांडर जनरल सुलेमानी के शहीद होने के बाद बढ़ने वाले तनाव और कोरोना वायरस महामारी से ईरान जल्द ही उबर जाएगा और वह फिर से अमरीकी सैनिकों को क्षेत्र से बाहर निकालने पर अपना ध्यान केन्द्रित करेगा।

ग़ौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है कि अमरीका या किसी पश्चिमी देश के जनरल या वरिष्ठ कमांडर ने युद्ध के मैदान में जनरल सुलेमानी की रणनीतियों और साहस का क़सीदा पढ़ा है, इससे पहले भी कई बार ईरान के दुश्मन, जनरल सुलेमानी के मुक़ाबले में अपनी नाकामी का रोना रो चुके हैं।

हालांकि जनरल सुलेमानी की शहादत के बाद, अरब से लेकर अमरीका तक ईरान के दुश्मन इस ग़लत फ़हमी में हैं कि ईरान की सैन्य शक्ति और फ़ैसला लेने की क्षमता प्रभावित हुई है। जनरल सुलेमानी कोई एक शख़्स नहीं थे, बल्कि वे एक संस्था थे, जिन्होंने शहादत का जाम पीने से पहले अपने जैसे दसियों शागिर्दों का प्रशिक्षण किया है।

जनरल मैकेंज़ी का कहना था कि ईरान अभी शांत है, और मुझे लगता है कि जनवरी के सदमे से वह उबर रहा है और जो वह करना चाहता है, उसके लिए तैयार हो रहा है।

मैकेंज़ी की कमान में इस क्षेत्र में लगभग 80,000 अमरीकी सैनिक हैं, जिनमें से 6,500 इराक़ में तैनात हैं।

3 जनवरी को बग़दाद एयरपोर्ट के निकट अमरीकी ड्रोन हमले में जनरल सुलेमानी और इराक़ी स्वयं सेवी बल हशदुश्शाबी के डिप्टी कमांडर अबू मोहंदिस की मौत के दो दिन बाद, इराक़ी संसद ने देश से अमरीकी सैनिकों को बाहर निकालने का प्रस्ताव पारित किया था।

इराक़ी जनता और अधिकांश राजनेताओं का मानना है कि अमरीका के रहते हुए देश में शांति की स्थापना नहीं हो सकती, इसलिए कि वाशिंगटन अपने हितों को साधने के लिए आतंकवाद को बढ़ावा देता है।

सेंटकॉम के कमांडर का कहना था कि छोटे झटकों से पश्चिमी एशिया से अमरीका और उसके पश्चिमी सहयोगियों को बाहर निकालने की ईरान की योजना प्रभावित नहीं होगी।

हाल ही में संयुक्त राष्ट्र संघ ने जनरल सुलेमानी की हत्या को एक अंतरराष्ट्रीय अपराध बताते हुए अमरीका की इस आतंकवादी कार्यवाही की निंदा की थी। msm

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