Jul ११, २०२० ०९:२५ Asia/Kolkata
  • क्या ईरान नतन्ज़ परमाणु प्रतिष्ठान की घटना का जवाब देने की तैयारी कर रहा है? ईरान और सीरिया के हालिया गेम चेन्जर रक्षा समझौते से क्या पांच महत्पूर्ण निष्कर्ष निकलते हैं?

अचानक और बग़ैर किसी भूमिका के सीरिया के रक्षा मंत्री अब्दुल्लाह अय्यूब और ईरान की आर्म्ड फ़ोर्सेज़ के जनरल स्टाफ़ के प्रमुख जनरल मुहम्मद बाक़ेरी कैमरों के सामने उस समय नज़र आए जब वह दमिश्क़ में एक निर्णायक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर कर रहे थे।

इस समझौते के तहत ईरान सीरियाई सेना को एयर डिफ़ेन्स सिस्टम देगा। इसके अलावा दोनों देशों के बीच अनेक क्षेत्रों में सामरिक व सुरक्षा सहयोग में तेज़ी से विस्तार होगा।

यह नया समझौता बेहद महत्वपूर्ण है यह इलाक़े में बहुत बड़े सैनिक मुक़ाबले की तैयारी का हिस्सा हो सकता है और इसका मुख्य निशाना इस्राईल बन सकता है।

यह बात भी महत्वपूर्ण है कि ईरान के नतन्ज़ इलाक़े में परमाणु प्रतिष्ठान में धमाके की घटना के कुछ ही दिनों के बाद यह समझौता हुआ है।

वर्तमान हालात और दोनों देशों के अधिकारियों के बयानों पर ग़ौर करने से पांच बड़े महत्वपूर्ण निष्कर्ष निकलते हैं।

 

-1 इस समझौते में जान बूझ कर इस बिंदु पर बल दिया गया है कि ईरान सीरिया को आधुनिक एयर डिफ़ेन्स सिस्टम बावर-373 और ख़ुरदाद-3 से लैस करेगा। यह ईरान के शस्त्रागार के बहुत महत्वपूर्ण और कारगर हथियार हैं। यह एयर डिफ़ेन्स सिस्टम रूस के एस-300 एयर डिफ़ेन्स सिस्टम के समान है।

-2 ईरान की ओर से यह एयर डिफ़ेन्स सिस्टम सीरिया को दिया जाना यह बताता है कि रूस इस्राईल से किए गए वादे के अनुसार सीरियाई सेना को एस-300 का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दे रहा है। यही वजह है कि सीरियाई सैनिक कमान ने इस्राईल के हवाई हमलों का मुक़ाबला करने के लिए ईरानी एयर डिफ़ेन्स सिस्टम हासिल करने का फ़ैसला किया है।

-3 अब सीरिया में ईरान की सैनिक उपस्थिति की क़ानूनी हैसियत और भी बढ़ जाएगी और इस समझौते के बाद इस देश में ईरान की सैनिक उपस्थिति में भी विस्तार होगा। यह इस्राईल और अमरीका दोनों के लिए संदेश है कि ईरान की सैनिक उपस्थिति जारी रहेगी और इसमें वृद्धि भी होती रहेगी यानी वह सपना न देखें कि ईरान सीरिया से पूरी तरह निकल जाएगा।

-4 यह अमरीका की ओर से सीरिया के ख़िलाफ़ इस्तेमाल किए जा रहे क़ैसर क़ानून का जवाब भी है। अमरीका इस क़ानून की मदद से सीरियाई जनता को भुखमरी की ओर ढकेलना और इस देश के पुनरनिर्माण की प्रक्रिया को बाधित करना चाहता है ताकि सीरियाई सरकार उनकी मांगों के सामने घुटने टेक दे।

-5 यह तुर्की के लिए एक संदेश है कि जिसकी गूंज जनरल बाक़ेरी के बयान में भी सुनाई दी जब उन्होंने कहा कि तुर्की को यह समझना चाहिए कि उसकी सुरक्षा समस्याओं का समाधान सीरिया से वार्ता और सहमति के ज़रिए ही हासिल हो सकता है। मतलब यह है कि उत्तरी सीरिया में तुर्की की सैनिक गतिविधियों का मुक़ाबला करने के लिए ईरान सीरिया के साथ खड़ा है।

बावर-373

 

यह समझौता केवल इस्राईल के हमलों के जवाब में नहीं है बल्कि यह सीरिया के भीतर और ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर इस्राईल के बार बार के हमलों पर भरपूर जवाब देने की तैयारी है। ईरानी नेतृत्व ने यह फ़ैसला किया है कि सीरिया में होने वाले इस्राईल के हमलों का जवाब न देने की रणनीति अब जारी नहीं रखी जा सकती बल्कि ईरान के भीतर हुए हमलों का जवाब तत्काल देना ज़रूरी हो गया। इसलिए कि जवाब न देने की स्थिति में यह हमले बढ़ते ही जाएंगे।

ईरान और सीरिया ने इस पूरे प्रकरण में रूस की रणनीति को नज़रअंदाज़ करते हुए मामले की बागडोर अपने हाथ में लेने का फ़ैसला किया है क्योंकि अब संयम का समय गुज़र चुका है अब जवाब देने का समय आ गया है चाहे यह जवाब खुले आम हो या ख़ामोशी से। दोनों ही शैलियों की ईरान और सीरिया दोनों को बड़ी महारत है।

अब एक अरब डालर का सवाल यह है कि ईरान ने एयर डिफ़ेन्स सिस्टम सीरिया को बेचने का फ़ैसला रूस से समन्वय बनकर किया है या उसकी इच्छा और जानकारी के बग़ैर?

इस सवाल का जवाब रूस और आने वाले दिन देंगे।

अतवान

 

अब्दुल बारी अतवान

अरब जगत के विख्यात लेखक व टीकाकार

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