Jul १३, २०२० १७:३८ Asia/Kolkata
  • ईरान-चीन 25 वर्षीय रणनीतिक साझेदारी, अमरीका के ख़िलाफ़ आख़िरी बॉल पर ईरान का छक्का, डॉलर की क़ब्र खोदने की तैयारी

ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता के एक सलाहकार ने कहा है कि ईरान और चीन के बीच 25 वर्षीय रणनीतिक दस्तावेज़, एक समझौते से कहीं अधिक है, क्योंकि सामान्य रूप से कोई भी समझौता एक या दो मामलों से जुड़ा होता है।

अली आग़ा मोहम्मदी का कहना था कि ईरान और चीन के बीच रणनीतिक साझेदारी से अमरीकी प्रतिबंधों को बाइपास करने और डॉलर की क़ब्र खोदने के लिए रोडमैप तैयार हो गया है।

उन्होंने कहा कि इस साझेदारी से दोनों देशों के बीच आर्थिक तथा रक्षा सहयोग मज़बूत होगा।

वरिष्ठ नेता के सलाहकार मोहम्मदी का कहना था कि अमरीका, प्रतिबंधों को हटाना नहीं चाहता है, लेकिन इस साझेदारी से प्रतिबंधों का प्रभाव ख़त्म हो जाएगा और अमरीका की योजना विफल हो जाएगी।

ग़ौरतलब है कि ईरान को घुटने टेकने के लिए मजबूर करने के लिए अमरीका, मई 2018 में परमाणु समझौते से निकल गया था और उसने एकपक्षीय रूप से तेहरान के ख़िलाफ़ कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे।

हालांकि 2015 में ईरान और विश्व की 6 बड़ी शक्तियें के बीच होने वाले इस समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव पारित करके अनुमोदित किया था।

अब परमाणु समझौते से बाहर होने के बावजूद, वाशिंगटन ने ईरान के ख़िलाफ़ संयुक्त राष्ट्र संघ के पारंपरिक हथियारों के प्रतिबंधों को आगे बढ़ाने के लिए अभियान शुरू किया है, जो इस समझौते के तहत अक्तूबर में समाप्त हो रहा है।

रविवार को न्यूयॉर्क टाइम्स ने ईरान-चीन रणनीतिक साझेदारी की विस्तृत जानकारी हासिल करने का दावा किया है। अमरीकी अख़बार का दावा है कि इस साझेदारी के तहत, चीन, 25 वर्षों तक कम क़ीमत पर तेल की आपूर्ति के बदले में बैंकिंग, दूरसंचार, बदंरगाहों, रेलवे और दर्जनों अन्य परियोजनाओं में सहयोग करेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक़, 25 वर्षीय ईरान-चीन साझेदारी के तहत, चीन अरबों लॉलर ईरान में निवेश करेगा, जिससे ट्रम्प प्रशासन की तेहरान के ख़िलाफ़ अधिकतम दबाव की नीति विफल हो जाएगी। msm

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