Aug ०२, २०२० २०:४७ Asia/Kolkata
  • आईआरजीसी का हमला नक़ली विमान वाहक युद्धपोत के बजाए अगर असली अमरीकी युद्धपोत पर होता, तो क्यों उसे ज़्यादा नुक़सान पहुंचता?

ईरान की इस्लामी क्रांति फ़ोर्स (आईआरजीसी) के ब्रिगेडियर जनरल रमज़ान शरीफ़ ने कहा है कि आईआरजीसी के युद्ध अभ्यास में आम विचार के विपरीत, नक़ली विमान वाहक युद्धपोत को पूर्ण रूप से ध्वस्त करना हमारा लक्ष्य नहीं था।

हालांकि जनरल शरीफ़ का यह भी कहना था कि इस युद्ध अभ्यास के बाद, नक़ली मॉडल की तुलना में असली विमान वाहक युद्धपोत को नुक़सान पहुंचने की संभावना अधिक हो गई है और इस युद्ध अभ्यास का संदेश अमरीका और इस्राईल तक अच्छी तरह से पहुंच गया है।

ग़ौरतलब है कि पिछले हफ़्ते फ़ार्स खाड़ी में ग्रेट पैग़म्बर सैन्य अभ्यास के अंतिम चरण के दौरान, आईआरजीसी ने अमरीकी विमान वाहक युद्धपोत से मिलते-जुलते एक नक़ली युद्धपोत पर मिसाइल हमला किया था, जिसके बाद आईआरजीसी की स्पीड बोट्स ने उसे चारो ओर से घेर लिया था।

युद्ध अभ्यास की इस घटना को विश्व मीडिया ने व्यापक कवरेज दी थी, जिसकी अमरीकी अधिकारियों ने यह कहकर आलोचना की थी कि ईरानी सेना सैन्य अभ्यास में रक्षा उपायों के बजाए आक्रामक रूख़ अपनाती है।

अमरीका के दावों के विपरीत, अमरीका दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है, जिसने दूसरे विश्व युद्ध के बाद, दुनिया में सबसे ज़्यादा युद्ध छेड़े हैं और वह हज़ारों मील दूर पश्चिम एशियाई देशों के मामलों में लगातार हस्तक्षेप कर रहा है।

आईआरजीसी के ब्रिगेडियर जनरल शरीफ़ का कहना था कि हमारे दुश्मनों तक यह संदेश पहुंच गया है कि ईरान की सशस्त्र सेनाओं के रक्षा सिद्धांत में राष्ट्रीय हितों पर किसी भी तरह के हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जाएगा और हमारी रक्षा रणनीति में आक्रामक सैन्य शक्ति का स्थान महत्वपूर्ण है।

उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की सैन्य शक्ति पड़ोसी देशों के लिए शांति व स्थिरता का संदेश है, इसलिए कि हमारे पड़ोसी देशों में से किसी के पास भी विमान वाहक युद्धपोत नहीं है, इसलिए उन्हें युद्ध अभ्यास के दौरान नक़ली युद्धपोत को निशाना बनाए जाने से परेशान होने की ज़रूरत नहीं है।

जनरल शरीफ़ का कहना था कि विमान वाहक युद्धपोत अमरीका की सैन्य शक्ति का प्रतीक माने जाते थे, लेकिन आज की वास्तविकता कुछ और है। असली युद्धपोत को नुक़सान पहुंचने की संभावना उसके मिलते जुलते मॉडल से कहीं अधिक है। इसलिए कि मॉक मॉडल के विपरीत, असली युद्धपोत में मिसाइलों और हथियारों का बड़ा भंडार होता है और ईंधन की मात्रा भी काफ़ी होती है, जिसके कारण एक मिसाइल या ड्रोन के टकराने से देखते ही देखते वह राख के ढेर में बदल सकता है। msm

ताज़ातरीन ख़बरों, समीक्षाओं और आर्टिकल्ज़ के लिए हमारा फ़ेसबुक पेज लाइक कीजिए!

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

टैग्स

कमेंट्स