Aug ०९, २०२० ०८:५९ Asia/Kolkata
  • ईरान, चीन और रूस के लिए ट्रम्प सबसे बेहतर अमरीकी राष्ट्रपति! तो क्या फिर भी यह तीनों देश ट्रम्प को हराना और बाइडन को जिताना चाहते हैं?

अमरीका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प आजकल रूस चीन और ईरान पर आरोप लगा रहे हैं कि यह तीनों देश अमरीका के राष्ट्रपति चुनावों में हस्तक्षेप करके उन्हें चुनाव हरवाने की कोशिश कर रहे हैं जिसका मतलब यह होगा कि डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडन चुनाव जीत जाएंगे।

ट्रम्प ने एक पत्रकार सम्मेलन में कहा कि यदि वह चुनाव हार गए तो चीन और ईरान को बहुत ख़ुशी होगी।

हमें तो नहीं लगता कि ट्रम्प ने यह बात गंभीरता से कही है। बल्कि यह लगता है कि वह नस्ल परस्त मतदाताओं को गोलबंद करने के लिए यह बयान दे रहे हैं। क्योंकि मतदाताओं का यह तबक़ा अब भी शीत युद्ध वाले दौर में जी रहा है और तीनों देशों विशेष रूप से रूस के लिए तो इस तबक़े के भीतर गहरी नफ़रत पायी जाती है।

सच बात तो यह है कि अगर ट्रम्प आने वाले नवम्बर महीने में दूसरे दौर का राष्ट्रपति चुनाव जीत जाते हैं तो चीन और रूस को तो बहुत ज़्यादा जबकि ईरान को एक हद तक ख़ुशी होगी क्योंकि ट्रम्प ने अमरीका को बदनाम और कमज़ोर करने के लिए जितने प्रभावी काम किए हैं वह काम यह तीनों देश नहीं कर सकते थे। अमरीका आंतरिक रूप से बुरी तरह विभाजित है और सारी दुनिया में उसे बड़ी नफ़रत से देखा जाने लगा है।

राष्ट्रपति ट्रम्प के शासनकाल के चारों साल अमरीका की चौतरफ़ा नाकामी के साल रहे हैं। कोरोना वायरस की महामारी को कंट्रोल करने में ट्रम्प पूरी तरह फ़ेल हो गए। अमरीका में कोरोना से संक्रमित लोगों की संख्या 50 लाख तक जा पहुंची है और अब तक दो लाख से ज़्यादा लोग अपनी जानें गवां चुके हैं। इससे बड़ी नामाकी यह रही कि अमरीका इस अवधि में कई अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं से निकल गया और उसने नैटो को बुरी तरह कमज़ोर कर दिया है।

अमरीका ने इस बीच ईरान पर बहुत अधिक दबाव डालकर इस देश में सत्ता परिवर्तन की कोशिश की मगर वह भी पूरी तरह नाकाम साबित हुई यही नहीं इसके उल्टे नतीजे निकले हैं।

इसका मतलब साफ़ है कि ईरान, रूस और चीन को ट्रम्प से बेहतर दुशमन मिल ही नहीं सकता। अगर यह देश अमरीका के राष्ट्रपति चुनावों में हस्तक्षेप करेंगे तो मुझे लगता है कि वह हस्तक्षेप ट्रम्प को वाइट हाउस में अन्य चार साल के लिए बाक़ी रखने के लिए होगा ताकि अमरीका की शेष बची उपलब्धियों को तहस नहस करने का मिशन पूरा करने के लिए ट्रम्प को और चार साल मिल जाएं।

अगर यह बात सही है कि पिछले चुनाव में रूस ने हस्तक्षेप करके ट्रम्प को जितवा दिया था और हिलैरी क्लिंटन के मुंह से विजय का लुक़मा छीन लिया था तो इससे रूसी राष्ट्रपति पुतीन की असाधारण चालाकी का पता चलता है। क्योंकि ट्रम्प के कार्यकाल में रूस को जिस तरह अपनी ताक़त में विस्तार करने और बड़े हितों को पूरा करने का अनुकूल माहौल मिला है वह इससे पहले कभी नहीं मिला। यही बात चीन के लिए भी कही जा सकती है जिसने बड़ी ख़ामोशी से काम किया और सुपर पावर की कुर्सी के पास जाकर खड़ा हो गया।

इस समय सर्वे रिपोर्टों में तो जो बाइडन 10 प्वाइंट से आगे चल रहे हैं मगर कुछ नहीं कहा जा सकता क्योंकि हिलैरी क्लिंटन भी पिछले चुनाव में 80 प्वाइंट से आगे चल रही थीं मगर जब नतीजे आए तो सब चौंक कर रह गए।

स्रोतः रायुल यौम

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