Aug २८, २०२० १८:३३ Asia/Kolkata

आजकल मुहर्रम के दिन हैं और पैग़म्बरे इस्लाम के नवासे इमाम हुसैन की चर्चा हर ओर हो रही है। पैग़म्बरे इस्लाम और उनके परिजनों से श्रद्धा रखने वाले लोग पूरी दुनिया में इमाम हुसैन की कर्बला में दी गई क़ुरबानी को याद कर रहे हैं।

समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज़ ने अपनी एक ख़बर में ईरान के महान कमांडर जनरल क़ासिम सुलैमानी की भावना में डूबी हुई एक स्पीच का छोटा सा हिस्सा अपनी वेबसाइट पर पबलिश किया है जिसमें जनरल क़ासिम सुलैमानी एक लेबनानी शहीद के ख़्वाब का क़िस्सा बयान करते हैं।

जनरल क़ासिम सुलैमानी ने बताया कि एक लेबनानी किशोर योद्धा जो हाल ही में शहीद हो गया दमिश्क़ एयरपोर्ट के क़रीब पूर्वी गूता इलाक़े में होने वाली लड़ाई में उसकी शहादत हुई उसने तीन रातों को लगातार एक ख़्वाब देखा जो उसने अपनी मां से बयान किया।

पहली रात को ख्वाब देखा कि दाइशी आतंकी उसके सीने पर सवार है और ख़ंजर निकाल कर उसका गला काटना चाहता है, लेबनानी किशोर डर गया और डर से उसकी नींद टूट गई। दूसरी रात भी ख़्वाब देखा कि दाइशी आतंकी उसके सीने पर बैठा हुआ है और गला काटने के लिए उसकी ठुड्डी को हटाता है, फिर डर से उसकी आंख खुल गई। तीसरी रात को फिर ख़्वाब देखा कि दाइशी आतंकी सीने पर सवार उसका गला काटना चाहता है। लेबनानी किशोर दाइशी आतंकी को देख रहा था कि अचानक उसकी नज़र इमाम हुसैन पर पड़ी जो पास ही खड़े थे और कहने लगे कि डरो नहीं! कोई दर्द नहीं होगा...मेरा भी गला काटा गया था कोई दर्द नहीं हुआ....।

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