Sep १७, २०२० १०:२४ Asia/Kolkata
  • इमारात और बहरैन को अपनी शर्मनाक हरकत की भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी

इस्लामी जागरुकता जनरल एसेंबली के महासचिव डाक्टर अली अकबर वेलायती ने कहा कि इमारात और बहरैन की सरकारों ने इस्राईल को मान्यता देने जैसा शर्मनाक क़दम उठाया तो इस्लामी जगत में विरोध की लहर उठी है जिसे देखते हुए इस्लामी जागरूकता जनरल एसेंबली की वर्चुअल बैठक का आयोजन किया गया है।

डाक्टर वेलायती ने कहा कि फ़ार्स खाड़ी के कुछ अरब देश इस तरह की परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं जिन्हें रेत की दीवार के अलावा कुछ नहीं कहा जा सकता।

डाक्टर वेलायती ने कहा कि नए मध्यपूर्व के गठन की साज़िश पर अमल, इराक़  और अफ़ग़ानिस्तान पर हमला, लेबनान और ग़ज़्ज़ा में युद्ध और आपराधिक कार्यवाहियां, इस्लामी जागरूकता की लहर को दिशाहीन बनाना, दाइशी आतंकवाद का निर्माण और नेतृत्व, महान कमांडर जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या पश्चिमी एशिया के इलाक़े में अमरीका की वर्चस्ववादी योजनाओं की कुछ मिसालें हैं जिनका उद्देश्य इस्लाम को बदनाम करना है।

डाक्टर अली अकबर वेलायती का कहना था कि मुसलमानों के पास अपार क्षमताएं हैं और वह ईश्वर की सहायता के भरोसे और आपसी एकता व एकजुटता की ताक़त से दुशमनों को शिकस्त दे सकते हैं।

इस्लामी एकता जनरल एसेंबली एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन है जिसमें दुनिया भर के इस्लामिक इस्कालर शामिल हैं और इसका मुख्यालय तेहरान में है।

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