Sep १७, २०२० १६:४० Asia/Kolkata
  • ईरान के ख़िलाफ़ अमरीका ने ट्रिगर तो दबा दिया, लेकिन बंदूक़ ख़ाली निकली

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ईरान के ख़िलाफ़ हथियारों के प्रतिबंधों के विस्तार में अपमानजनक हार के बाद, वाशिंगटन ने अकेले ही तेहरान के ख़िलाफ़ राष्ट्र संघ के प्रतिबंधों को लागू करने की धमकी दी है।

ईरान और वेनेज़ुएला के मामलों में अमरीका के विशेष प्रतिनिधि एलियट अब्राम्स ने बुधवार को दावा किया कि जो कोई ईरान के साथ हथियारों का व्यापार करेगा, उसके अमरीकी बाज़ार में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि हथियार बनाने वाली और उनका व्यापार करने वाली वह कंपनियां जो तेहरान के साथ लेन-देन करेंगी, उन्हें प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।

यह पूछे जाने पर कि 18 अक्तूबत को ईरान के ऊपर से राष्ट्र संघ के हथियारों के प्रतिबंध हट जायेंगे, क्या अमरीका उसके विस्तार के लिए कोई ठोस योजना बना रहा है? अब्राम्स का कहना था कि हमारे सामने कई रास्ते हैं, हम सप्ताहांत में कुछ घोषणाएं करेंगे, सोमवार और उसके बाद के दिनों में कई घोषणाएं की जायेंगी।

अमरीका सुरक्षा परिषद में मुंह की खाने के बाद, अब उन देशों पर प्रतिबंध की धमकी दे रहा है, जो उसके एकपक्षीय प्रतिबंदों को मानने से इनकार कर देंगे।

ट्रम्प प्रशासन ने 14 अगस्त को सुरक्षा परिषद में हथियारों के प्रतिबंध को आगे बढ़ाने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया था, जो औंधे मुंह गिर गया, क्योंकि सिर्फ़ एक सदस्य देश ने उसके पक्ष में मतदान किया था।

उसके बाद, 20 अगस्त को वाशिंगटन ने परमाणु समझौते के स्नैपबैक तंत्र के इस्तेमाल का दावा किया, जिससे वह 2018 में बाहर निकल चुका है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अमरीका ने ऐसा ट्रिगर दबाया है, जिससे कोई गोली बाहर नहीं निकल रही है।

समझौते में शामिल रूस, चीन, फ़्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी ने एकमत होकर वाशिंगटन से कह दिया है कि अब उसे इस समझौते के किसी भी प्रावधान के इस्तेमाल का अधिकार नहीं है। msm

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