Sep १९, २०२० १४:४२ Asia/Kolkata
  • आईआरजीसी की अबतक की सबसे बड़ी धमकी, जनरल क़ासिम सुलैमानी की शहादत में शामिल हर साज़िशकर्ता को बनाएंगे निशाना

ईरान के इस्लामी क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी के कमांडर जनरल हुसैन सलामी ने हालिया दिनों में ट्रम्प द्वारा दिए गए बयानों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए है कि हम जनरल क़ासिम सुलेमानी की शहादत में शामिल सभी आरोपियों को ज़रूर सबक़ सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी का बदला निश्चित, गंभीर और वास्तविक है।

मेहर समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक़, ईरान के इस्लामी क्रांति संरक्षक बल आईआरजीसी के कमांडर मेजर जनरल हुसैन सलामी ने शनिवार की सुबह ईरान के इस्लामी क्रांति संरक्षक बल की संयुक्त परेड को संबोधित करते हुए कहा कि हम शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी के हत्यारों को उनके अंजाम तक पहुंचाएंगे और हमारा बदला निश्चित है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोन्लड ट्रम्प यह अच्छी तरह जान लें कि हम बदला लेने के लिए गंभीर हैं, हम शहीद जनरल क़ासिम सुलेमानी का बदला ज़रूर लेंगे। उन्होंने कहा कि हम शहीद क़ासिम सुलेमानी की निर्मम हत्या में शामिल सभी आतंकवादियों को उनके अंजाम तक पहुंचाएंगे। मेजर जनरल सलामी ने कहा कि हम रणक्षेत्र के सिपाही हैं, हम छिपकर बदला नहीं लेंगे, हम उन सभी को अपना निशाना बनाएंगे जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जनरल क़ासिम सुलेमानी की शहादत में शामिल होगा।

आईआरजीसी के प्रमुख ने अमेरिकी राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए कहा कि, तुम समझते हो कि हम अपने शहीद भाई जनरल सुलेमानी की शहादत का बदला दक्षिण अफ़्रीक़ा में मौजूद महिला राजदूत को निशाना बनाकर लेंगे? नहीं, हम शहीद क़ासिम सुलेमानी की शहादत में शामिल तमाम लोगों को निशाना बनाएंगे और हम जो कहते हैं उसको ज़रूर करते हैं। क्योंकि हम अपनी कही बातों और कामों को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि एनुल असद पर हमले के बाद हम अमेरिका की प्रतिक्रिया देख रहे थे, अगर अमेरिका ने कोई भी ग़लती की होती तो अबतक पूरे क्षेत्र से उसका अस्तित्व मिट चुका होता।

उल्लेखनीय है कि जारी वर्ष के पहले महीने जनवरी की तीन तारीख़ को अमेरिकी आतंकवादियों ने डोनल्ड ट्रम्प के सीधे आदेश से ईरान की क़ुद्स ब्रिग्रेड के कमांडर जनरल क़ासिम सुलेमानी को उनके साथियों सहित एक हवाई हमला करके शहीद कर दिया था। शहीद क़ासिम सुलेमानी इराक़ के आधिकारिक निमंत्रण पर बग़दाद पहुंचे थे और वह इराक़ सरकार के मेहमान थे। अमेरिका की इस आतंकवादी कार्यवाही के बदले में ईरान ने भी एक आरंभिक बदले की कार्यवाही करते हुए 8 जनवरी को इराक़ में अमेरिकी आतंकियों के सबसे बड़े अड्डे एनुल असद पर दो दर्जन मिसाईल बरसाकर अमेरिका के अहंकार को मिट्टी में मिला दिया था। ईरान की इस मुंहतोड़ जवाबी कार्यवाही में अमेरिका को बड़ा जानी और माली नुक़सान हुआ था। (RZ)   

 

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