Sep १९, २०२० १४:५० Asia/Kolkata
  •  भारत से कोरोना वैक्सीन की 2 करोड़ डोज़ ख़रीदेगा, तेहरान

ईरान के स्वास्थ्य मंत्री सईद नमकी ने कहा है कि तेहरान, भारत की एक कंपनी से कोविड-19 के 2 करोड़ वैक्सीन ख़रीदने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा कि जिस कंपनी से ईरान वैक्सीन ख़रीदना चाहता है, उसने एडवांस में अमरीका को 10 करोड़ वैक्सीन बेचने का समझौता कर लिया है।

शनिवार को कोरोना से मुक़ाबले के लिए गठित समिति की बैठक में ईरान के स्वास्थ्य मंत्री नमकी ने बताया कि वैक्सीन तैयार करने वाली इस कंपनी के महानिदेशक ईरानी मूल के एक भारतीय हैं, जिन्होंने उचित मूल्यों पर वैक्सीन की 2 करोड़ डोज़ तेहरान को बेचना का वादा किया है।

ग़ौरतलब है कि तीन भारतीय वैक्‍सीन कैंडिडेट्स फ़ेज़ 1, 2 और 3 में पहुंच गए हैं। भारतीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री हर्षवर्धन ने गुरुवार को राज्‍यसभा में उम्‍मीद जताई कि अगले साल की शुरुआत में भारत में कोविड-19 वैक्‍सीन उपलब्‍ध हो जानी चाहिए। उन्‍होंने कहा कि हम दुनिया के उन गिने-चुने देशों में से हैं जिन्‍होंने इस वायरस को आइसोलेट किया है।

भारत में फ़िलहाल कोविड-19 की कई वैक्‍सीन डेवलप हो रही हैं। उनमें से सीरुम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया (SII) की वैक्‍सीन का ट्रायल फ़ेज़ 3 में है। यह वैक्‍सीन ऑक्‍सफ़ोर्ड यूनवर्सिटी और फ़ार्मा कंपनी अस्‍त्राजेनेका ने मिलकर तैयार की है। यह दुनिया की सबसे ऐडवांस्‍ड वैक्‍सीन कैंडिडेट्स में से एक है।

पुणे स्थित सीरुम इंस्टिट्यूट देशभर में 14 जगहों पर डेढ़ हज़ार लोगों पर इस वैक्‍सीन का ट्रायल कर रहा है। भारत के अलावा इस वैक्‍सीन का ब्रिटेन, अमरीका, ब्राज़ील समेत कई देशों में ट्रायल चल रहा है।

सीरुम इंस्टिट्यूट ऑफ़ इंडिया की स्थापना 1966 में डॉक्टर साइरस पूनावाला ने की थी, जिसके बेटे आदर पूनावाला इस कंपनी के महानिदेशक हैं। यह वैक्सीन डोज़ की संख्या के उत्पादन में दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है। msm

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