Sep २२, २०२० ०८:४७ Asia/Kolkata
  • हिज़्बुल्लाह के वरिष्ठ कमांडर की हत्या का मामला इस समय क्यों उठा रही है इस्राईली इंटैलीजेन्स? क्या उसी आप्रशेन में जनरल सुलैमानी को भी क़त्ल करने से बुश ने रोका था?

हालिया समय एसा है कि इस्राईली सैन्य विभाग हिज़्बुल्लाह के इंतेक़ाम के डर से बुरी तरह बौखलाया हुआ है तो बार बार इस्राईली ख़ुफ़िया एजेंसी मुसाद के तथाकथित कारनामों के बारे में इंटैलीजेन्स रिपोर्टें लीक की जा रही हैं और हिज़्बुल्लाह के बड़े कमांडरों की टारगेट किलिंग की योजना को लागू करने के बारे में बारीकियां बयान की जा रही हैं।

हिज़्बुल्लाह के बड़े कमांडर और रणनीतिकार शहीद एमाद मुग़निया को इस्राईल ने फ़रवरी 2008 में शहीद किया था और अब उनकी हत्या के बारे में ख़ुफ़िया रिपोर्ट लीक की जा रही है।

कुछ दिन पहले इस्राईली मीडिया ने एक पूर्व जनरल के हवाले से रिपोर्ट छापी कि हिज़्बुल्लाह के प्रमुख सैयद हसन नसरुल्लाह की हत्या की योजना तैयार है बस उसे किसी उचित समय के लिए रोक रखा गया है और उचित समय आ जाने पर उस पर अमल किया जाएगा।

यह रिपोर्ट भी लीक की गई कि ईरान ने दक्षिणी अफ़्रीक़ा में अमरीकी राजदूत की हत्या की योजना बनाई थी। अब यह रिपोर्ट लीक हुई है कि हिज़्बुल्लाह के कमांडर एमाद मुग़निया को किस तरह शहीद किया गया और यह कि उसी समय जनरल क़ासिम सुलैमानी की भी हत्या की जा सकती थी क्योंकि दोनों साथ दे मगर अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज बुश ने जनरल क़ासिम सुलैमानी की हत्या से रोक दिया था।

अरबी भाषा की एक कहावत है कि अगर किसी बात को परखना है कि वह झूठ है या सच तो देखो कि वह कितनी बड़ी बात है। मुसाद के इस दावे के झूठ को जो इस ख़ुफ़िया एजेंसी के एक पूर्व अफ़सर ने फैलाया है कुछ बिंदुओं से समझा जा सकता है।

एक तो यह कि जनरल एमाद मुग़निया को केवल इसलिए शहीद नहीं किया गया कि उन्होंने 1982 में बैरूत बंदरगाह पर अमरीकी समुद्री युद्धक जहाज़ में भीषण धमाके की रणनीति तैयार की थी जिसमें 240 नौसैनिक मारे गए थे इसी तरह वह अर्जेंटीना में इस्राईली दूतावास को धमाके से पूरी तरह ध्वस्त कर देने वाले हमले के योजनाकार थे बल्कि उन्हें इसलिए भी शहीद किया गया कि उन्होंने लेबनान की सीमा के क़रीब दो इस्राईली सैनिकों को क़ैद कर लेने की ज़बरदस्त रणनीति भी तैयार की थी और 2006 के 33 दिवसीय लेबनान-इस्राईल युद्ध के वह महान कमांडर थे जिसमें इस्राईल को भयानक पराजय का सामना करना पड़ा था।

दूसरी बात यह है कि जनरल क़ासिम सुलैमानी उस समय उतने मशहूर नहीं थे जितने मशहूर वह हालिया वर्षों में हो गए थे तो यह कहना कि जार्ज बुश ने उनकी हत्या करने से रोक दिया था खुला हुआ झूठ है। बुश आख़िर क्यों इस हत्या से रोकने लगे?

तीसरी बात यह है कि एमाद मुग़निया की हत्या की साज़िश इस्राईली इंटेलीजेन्स मुसाद और अमरीकी ख़ुफ़िया एजेंसी सीआईए की संयुक्त साज़िश थी और इसे बहुत बढ़ा चढ़ा कर पेश किया जाता है। शहीद एमाद मुग़निया दमिश्क़ में खुलेआम आवाजाही करते थे, अपनी गाड़ी ख़ुद चलाते थे और बहुत कम सिक्योरिटी में चलते थे तो इसके लिए किसी बहुत जटिल आप्रेशन की ज़रूरत नहीं थी जिसमें दुनिया की बड़ी बड़ी इंटेलीजेन्स एजेंसियां हिस्सा लें।

इस्राईली जो आज कल यह ख़ुफ़िया रिपोर्टें लीक कर रहे हैं वह दरअस्ल मनोवैज्ञानिक युद्ध तेज़ करना चाहते हैं ताकि अपने सैनिकों के ध्वस्त भो चुके मनोबल को सुधार सकें। इस समय 30 हज़ार से अधिक इस्राईली सैनिक लेबनान की सीमा के क़रीब हाई एलर्ट स्थिति में तैनात हैं और हर दम डरते हैं कि कब हिज़्बुल्लाह अपना इंतेक़ाम लेगा?

एमाद मुग़निया को शहीद करके इस्राईलियों ने और जनरल क़ासिम सुलैमानी और उनके दोस्त अबू महदी अलमुहंदिस को शहीद करके अमरीकियों ने हो सकता है कि एक कामयाबी हासिल की हो मगर इन हत्याओं के इंतेक़ाम के रूप में जो हमले किए गए हैं वह बहुत बड़े हमले हैं। सबसे बड़ा हमला तो यह है कि इराक़ से अमरीकी सैनिकों को पूरी तरह बाहर भगाया जा रहा है और एनुल असद और करकूक में अमरीकी छावनियों पर ईरानी मिसाइल बरसे हैं और इसके बाद ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा है कि इंतेक़ाम लेना अभी बाक़ी है।

यह सारी रिपोर्टें और बयान जंग के हालात का इशारा देते हैं। हो सकता है कि ईरान और हिज़्बुल्लाह के ख़िलाफ़ युद्ध की कोई योजना बनाई गई हो ताकि ट्रम्प और नेतनयाहू चुनावी हार और फिर जेल में जाने से बच जाएं।

स्रोतः रायुल यौम

ताज़ातरीन ख़बरों, समीक्षाओं और आर्टिकल्ज़ के लिए हमारा फ़ेसबुक पेज लाइक कीजिए!

हमारा व्हाट्सएप ग्रुप ज्वाइन करने के लिए क्लिक कीजिए

हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब कीजिए!

इंस्टाग्राम पर हमें फ़ालो कीजिए

टैग्स

कमेंट्स