Sep २२, २०२० १८:४३ Asia/Kolkata
  • ईरानी सेना का खुला एलान! हां, यमन और सीरिया जाते हैं हमारे अनुभवी अफसर, जो भी अमरीका और इस्राईल से लड़ेगा उसकी मदद करेंगे।

इस्लामी गणतंत्र ईरान की सशस्त्र सेना के प्रवक्ता ने कहा है कि दुश्मनों के प्रचारों के विपरीत, यमन की जनता बहुत शिक्षित है और हम रक्षा क्षेत्र में अपना तकनीकी अनभुव यमनियों को दिया है और अब यमनियों ने अपने देश में ही मिसाइल, ड्रोन और ज़रूरी हथियार बनाना सीख लिया है।

सशस्त्र सेना के प्रवक्ता  जनरली अबुलफज़्ल शिकारची ने ईरान में पवित्र रक्षा सप्ताह के अवसर पर एक कार्यक्रम में कहा कि युद्ध स्वंय से पवित्र नहीं होता लेकिन अगर ईश्वर के लिए, ईश्वरीय धर्म की रक्षा और ईश्वरीय दूत और इमाम के उत्तराधिकारी के लिए हो तो इस प्रकार का युद्ध, पवित्र रक्षा है।

उन्होंने कहा कि हम हथियारों और साधनों के सहारे नहीं रहते, हमने आज जो कुछ बनाया है वह सब साधन हैं जिन्हें हम ईश्वर पर भरोसा करके प्रयोग करते और जीत हासिल करते हैं, हथियार अगर ईश्वर से प्रेम करने वालों के हाथ में होते हैं तो जीत का कारण बनते हैं और अगर शैतान के पुजारियों के हाथ में होते हैं तो एसा नहीं होता जैसा कि अमरीका के पास अत्याधुनिक हथियार हैं मगर उसे जीत नहीं मिलती जिसकी मिसाल, इराक़ , अफगानिस्तान और सीरिया में देखी जा सकती है।

उन्होंने क्षेत्रीय देशों में ईरान की उपस्थिति के बारे में कहा कि हमारी उपस्थिति नैतिक समर्थन और सलाह की सीमा तक है और हम किसी भी देश में हस्तक्षेप नहीं करते। उन्होंने कहा कि सैन्य उपस्थिति का हमारे कहीं भी और किसी भी देश मे कोई  कार्यक्रम नहीं है, प्रतिरोध मोर्चे के सभी देशों के पास अपनी सेना और सैनिक हैं, हम उनको सलाह देने की सीमा तक सहयोग करते हैं, हम अपने अनुभव, सीरिया, इराक़, लेबनान और यमन की जनता तक पहुंचाने के लिए अपने अनुभवों लोगों को इन देशों में भेजते हैं ताकि वह उनकी मदद करते हैं लेकिन मोर्चे पर उसी देश की जनता और सैनिक, दुश्मनों से टक्टर लेते हैं।

इस्लामी गणतंत्र ईरान की सेना के प्रवक्ता ने बल दिया कि जो देश भी इस्राईल और खुंखार अमरीकी सरकार के सामने डटेगा तो हमसे जितना भी हो सकेगा, हम उसकी मदद करेंगे।

उन्होंने बताया कि अभी हालिया दिनों में ईरान के चीफ आफ आर्मी स्टाफ ने सीरिया की यात्रा की थी जिसके दौरान सीरियाई सरकार की मांग पर एयर डिफेन्स सिस्टम पर चर्चा हुई और सीरिया के एयर डिफेंस को मज़बूत बनाने पर सहमति हुई और हमने भी पूरी दुनिया के सामने एलान कर दिया कि हमने सीरिया के साथ इस प्रकार का समझौता किया है और निश्चित रूप से अब हम सीरिया के एयर डिफेंस को मज़बूत बनाएंगे।

    उन्होंने कहा कि किसी भी देश में हमारी उपस्थिति उस देश की सरकार की औपचारिक मांग पर होती है और सैन्य हस्तक्षेप उस समय कहा जाना चाहिए जब हम उस देश की सरकार की अनुमति के बिना अपना एक सलाहकार भी वहां भेजें। Q.A.

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